New Delhi: Congress President Mallikarjun Kharge addresses the National MGNREGA Workers’ Convention, in New Delhi on Thursday, January 22, 2026. (Photo: IANS/Deepak Kumar)
विजय शंकर चतुर्वेदी
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने संदेश में संविधान की रक्षा, लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा और वर्तमान सरकार पर तीखे हमलों के साथ देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
खड़गे ने संदेश की शुरुआत में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देते हुए बताया कि इस साल भारत के संविधान को अपनाए हुए 76 साल पूरे हो गए हैं, जो हमारी अंतरात्मा का स्थायी संरक्षक और भारतीय गणतंत्र की आत्मा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू और डॉ. बीआर अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तियों के अटूट समर्पण और दूरदर्शिता ने विविध भारत की आकांक्षाओं को एक ऐतिहासिक दस्तावेज में ढाला।
उन्होंने सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सदस्यों को सलाम किया, जिनका साहस राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करता है। उन्होंने वैज्ञानिकों, शिक्षकों, किसानों (अन्नदाताओं), दिहाड़ी मजदूरों, गिग वर्कर्स, कलाकारों, लेखकों और खिलाड़ियों के योगदान की सराहना की, जो देश की प्रगति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्र निर्माण में अमूल्य भूमिका निभाते हैं।
खड़गे ने केंद्र सरकार पर संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है, उनकी आजीविका छीनी जा रही है, और पंचायतों को कमजोर किया जा रहा है। अधिकार-आधारित सामाजिक कल्याण मॉडल को तात्कालिक फरमानों से खत्म किया जा रहा है।
उन्होंने संस्थागत गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि वोट देने के अधिकार को ‘बुलडोजर’ से कुचला जा रहा है, संघवाद खतरे में है और ‘डबल इंजन’ सरकार का इस्तेमाल विपक्षी राज्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। पर्यावरण प्रदूषण और भ्रष्टाचार से हवा, पानी और खाने की चीजें दूषित हो गई हैं। पुल गिर रहे हैं, सड़कें टूट रही हैं, शहर ‘स्मार्ट’ होने के बजाय रहने लायक नहीं रहे। स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है। सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 41 प्रतिशत फर्जी कार्ड और 34 प्रतिशत जांच चलने का उल्लेख किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, बल्कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 94 प्रतिशत भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। आर्थिक असमानता बढ़ी है, संसाधन चहेते अरबपतियों को सौंपे जा रहे हैं, जबकि छोटे-मध्यम व्यवसाय मुश्किल में हैं।
उन्होंने धार्मिक कट्टरवाद और विभाजनकारी एजेंडे पर हमला करते हुए कहा कि पिछले दशक में सामाजिक ताने-बाने टूटा है। एससी, एसटी, महिलाएं, हाशिए के लोग और अल्पसंख्यकों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार हो रहा है। हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, और स्वतंत्रता सेनानियों के धर्मनिरपेक्ष आदर्शों को प्रोपगेंडा से निशाना बनाया जा रहा है।
खड़गे ने पत्र के अंत में संविधान की रक्षा का आह्वान करते हुए लिखा, “अब समय आ गया है कि हम संविधान के सिद्धांतों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा की रक्षा में मजबूती से खड़े हों। ये मूल्य हमारे संस्थापकों की देन हैं, इन्हें बनाए रखना हमारा पवित्र कर्तव्य है। संविधान की रक्षा के लिए हर जरूरी बलिदान देने को तैयार रहें, यही पूर्वजों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”