भारत को मिला सबसे उन्नत एकीकृत खेल चोट उपचार केंद्र
रीढ़, हड्डी और मांसपेशियों के इलाज में अग्रणी आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने राजधानी में अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की शुरुआत की है। यह क्लिनिक खेल से जुड़ी चोटों के लिए प्री-रिहैबिलिटेशन से लेकर सर्जरी और वैज्ञानिक रिहैबिलिटेशन तक संपूर्ण इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है।
यह क्लिनिक पारंपरिक इलाज से आगे बढ़कर मूवमेंट और बायोमैकेनिकल एनालिसिस के जरिए चोट के मूल कारण की पहचान करता है, जिससे बार-बार चोट लगने की संभावना कम होती है। यहां आर्थ्रोस्कोपी, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (MISS), पीआरपी, स्टेम सेल/बीएमएसी और प्रोलोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकों से बिना या कम चीरे वाला इलाज किया जाता है, जिससे मरीज तेजी से ठीक होकर मैदान में लौट सकें।
“मूवमेंट ही मेडिसिन” की अवधारणा पर आधारित इस क्लिनिक में टेक्नोबॉडी डिजिटल मूवमेंट लैब, 3डी कैमरा सिस्टम, गेट एनालिसिस, प्रोकिन बैलेंस प्लेटफॉर्म, हाइड्रोथेरेपी और रोबोटिक रिहैबिलिटेशन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां रिहैबिलिटेशन केवल उच्च प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट्स द्वारा किया जाता है, साथ ही न्यूट्रिशन और नेचुरोपैथी का भी वैज्ञानिक सहयोग दिया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में खेल चोटों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में युवा खिलाड़ियों में एसीएल इंजरी के मामलों में 400% से अधिक वृद्धि देखी गई है, जिसका बड़ा कारण अधूरा इलाज और सही रिहैबिलिटेशन की कमी है। यह क्लिनिक इसी कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
आईएसआईसी की चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुश्री सुगंध अहलूवालिया ने कहा, “आईएसआईसी की पहचान हमेशा से मूवमेंट और फंक्शन की बहाली रही है। यह स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक खिलाड़ियों को चोट से पहले और बाद—दोनों स्थितियों में पूरी तरह तैयार करने का काम करेगा।”
वहीं चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ. आशीष चंद्रा ने कहा, “यह क्लिनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, डिजिटल मूवमेंट लैब और रीजेनेरेटिव थेरेपी को एकीकृत कर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करेगा।”
स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की शुरुआत के साथ ही आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने ऑर्थोपेडिक और स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और सशक्त किया है।