लक्ष्मी नगर स्थित विश्वकर्मा पार्क में चाणक्य सेवा सोसायटी एवं आत्मबोध वेदांत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विराट हिन्दू महोत्सव अत्यंत भव्य, प्रेरणादायक एवं ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। इस महोत्सव में बड़ी संख्या में नागरिकों, परिवारों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पूरा परिसर धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभावना से सराबोर रहा। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि गजेंद्र सोलंकी एवं कवि मनवीर मधुर ने अपने ओजस्वी काव्यपाठ से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संचार किया। उनकी कविताओं को उपस्थित जनसमूह ने पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ सराहा। आचार्य विक्रमादित्य ने सनातन जागरण पर प्रभावशाली विचार रखते हुए समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया। वहीं मरघट वाले हनुमान मंदिर के महंत अरुण शर्मा तथा पंडित धर्मेंद्र शर्मा (ज्योतिषाचार्य) सहित अन्य विद्वानों ने धर्म, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों पर प्रेरक उद्बोधन दिए।

कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। काव्य पाठ, नाटक, नृत्य एवं हनुमान चालीसा की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा कार्यक्रम के समापन पर लकी ड्रॉ का भी आयोजन किया गया।
महोत्सव में सामाजिक-आध्यात्मिक स्टॉल्स के माध्यम से ब्रह्माकुमारी आश्रम (लक्ष्मी नगर), भारतीय योग संस्थान सहित अनेक संस्थाओं ने सहभागिता की। विशेष रूप से इस्कॉन (ISKCON) द्वारा लगभग 500 श्रीमद्भागवत गीता की पुस्तकें निःशुल्क वितरित की गईं, जिससे आध्यात्मिक जागरूकता को नई दिशा मिली।
कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद (भंडारा) की समुचित व्यवस्था की गई।

इस आयोजन में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, इंजीनियरों, समाजसेवियों एवं महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों का उल्लेखनीय योगदान रहा। सहयोगी संस्थाओं में न्यू यंग जेनरेशन फाउंडेशन, राष्ट्र निर्माण पार्टी, सियाराम सेना, आर्य समाज मंदिर, ब्रह्माकुमारी आश्रम, चाणक्य स्वयं सहायता समूह, श्री कृष्ण मंदिर समिति सहित अनेक संगठन शामिल रहे। यह विराट हिन्दू महोत्सव समाज में सकारात्मक संवाद, राष्ट्रीय चेतना एवं सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार का एक सशक्त और प्रेरणादायक माध्यम सिद्ध हुआ।