कुआलालंपुर के बहुचर्चित पुनर्विकास प्रोजेक्ट में इक्विटी हिस्सेदारी, मलेशिया में बढ़ेगा विदेशी निवेश
मनोज शर्मा
मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में प्रस्तावित बहुचर्चित ‘कंपुंग भरू 2.0’ पुनर्विकास परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण समर्थन मिला है। डीएसएटी ग्रुप मलेशिया ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि भारतीय निवेशक डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना में निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित आइकॉनिक ट्विन टॉवर (आरएम) विकास भी शामिल है, जिसे भविष्य का शहरी लैंडमार्क माना जा रहा है।
डीएसएटी ग्रुप के अनुसार, डॉ. मल्लप्पा ने डीएसएटी प्राइवेट इक्विटी एसडीएन. बीएचडी. में औपचारिक रूप से शेयर अधिग्रहण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कंपनी सिक्योरिटीज कमीशन मलेशिया से लाइसेंस प्राप्त निजी निवेश मंच है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट और संस्थागत निवेशों का प्रबंधन किया जाता है।अंतरराष्ट्रीय भरोसे का संकेत
‘कंपुंग भरू 2.0’ परियोजना को राजधानी के केंद्रीय क्षेत्र के व्यापक शहरी पुनर्विकास के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश मलेशिया की आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक नेतृत्व और निवेश-अनुकूल वातावरण में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने कहा, “मलेशिया मजबूत आर्थिक आधार, स्थिर नेतृत्व और विश्वसनीय निवेश इकोसिस्टम प्रदान करता है। कंपुंग भरू 2.0 पुनर्विकास एक दुर्लभ और परिवर्तनकारी शहरी अवसर है। मेरा विश्वास है कि यह परियोजना एशिया में एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएसएटी प्राइवेट इक्विटी में उनकी इक्विटी हिस्सेदारी पूर्णतः पारदर्शी और विनियमित ढांचे के अंतर्गत की गई है, जो मलेशिया के उच्च कॉरपोरेट गवर्नेंस मानकों के अनुरूप है।
मलेशिया–भारत आर्थिक संबंधों को बल: डीएसएटी प्राइवेट इक्विटी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन दातो’ सेरी अजीजुल तांदेक ने कहा,
“डॉ. भार्गव मल्लप्पा जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी मलेशिया की विकास नीति में वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। हमारी कंपनी दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव वाले पेशेवर निवेश प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है।”ग्रुप के अनुसार, इस निवेश से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा मिलेगा, उच्च-मूल्य रोजगार सृजित होंगे और कुआलालंपुर के शहरी ढांचे को आधुनिक स्वरूप मिलेगा। साथ ही, मलेशिया और भारत के बीच आर्थिक सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। डीएसएटी ग्रुप ने स्पष्ट किया कि सभी निवेश मलेशियाई कानूनों और नियामकीय प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में किए जा रहे हैं।