- सुनील नेगी
यूथ हॉस्टल, चाणक्यपुरी, दिल्ली में स्वाउथान के तत्वावधान में “कहानियाँ उत्तराखंड की” अवार्ड सेरेमनी का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम जूरी सदस्यों बजेली, खजान दत्त शर्मा, हरि सुमन बिष्ट, बिहारी लाल जालंधारी, पृथ्वी सिंह केदारखंडी, हरेंद्र सिंह असवाल, सुनील नेगी एवं चारू तिवारी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वाउथान के उपाध्यक्ष गणेश सिंह रौतेला ने किया। उन्होंने जूरी का धन्यवाद करते हुए चयन प्रक्रिया की जानकारी दी और उपस्थित साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। शरत जोशी ने जूरी सदस्यों का परिचय एवं सम्मान किया, जबकि जनरल सेक्रेटरी संजय जोशी ने समारोह को अंतिम रूप देते हुए हेम पंत, कालेश्वरी, सुशीला रावत और संदीप बजेली को विशेष सम्मान प्रदान किया।
उत्तराखंड के परिवेश पर आधारित लगभग डेढ़ सौ से अधिक प्राप्त कहानियों में से आठ श्रेष्ठ रचनाओं का चयन किया गया। प्रथम पुरस्कार 31,000 रुपये खेमा नंद पांडे की कुमाऊनी कहानी को, द्वितीय पुरस्कार 21,000 रुपये गिरधारी सिंह रावत की गढ़वाली कहानी “रकी मुकी द्वी बोड़” को तथा तृतीय पुरस्कार 11,000 रुपये गार्गी जोशी की हिंदी कहानी “ईजा” को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त किरन रावत की इंग्लिश कहानी “An Enlightening Dreams”, ललिता चौहान की जौनसारी कहानी “आगोशी माई”, विश्वेश्वर प्रसाद की गढ़वाली कहानी “फैंची”, सुशीला देवी की गढ़वाली कहानी “अंधियारी रात मा कमला” तथा दीपाली खाती की हिंदी कहानी “ठंडा चीला” को 5,000 रुपये के प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मदन मोहन सती, पुष्पा जोशी पपनिय, राजेंद्र सिंह चौहान, लक्ष्मी रावत, राकेश गौड़, कुशाल सिंह बिष्ट, कुशाल सिंह रावत, सुधीर धर, नीता जोशी, अनिता धर, मुकुंद धर, अजय सिंह बिष्ट, प्रेम सिंह रावत, टी.सी. जोशी, हंसा दंत लोहानी, कुलदीप असवाल, राहुल बढ़ोला, किरण रामपाल, चंदन डांगी, रोशनी चमोली, अंजू पुरोहित और रमेश प्रदेशी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। खचाखच भरे सभागार में संस्था द्वारा जूरी सदस्यों को अंगवस्त्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह ने उत्तराखंड की लोकभाषाओं और साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा और व्यापक मंच प्रदान किया।