- सुनील नेगी
महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी और अधिवक्ता महावीर फर्सवान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग के पास धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एचडीएफसी बैंक रोहिणी में कार्यरत 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत के विरोध में आयोजित किया गया। युवक की एक सप्ताह पहले दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए लगभग सात मीटर गहरे गड्ढे में बाइक सहित गिरने से मृत्यु हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने इसे विभागीय लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की।


परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया और परिवार को छह थानों के चक्कर लगाने पड़े, बावजूद इसके एफआईआर दर्ज नहीं की गई। युवक का शव अगले दिन सुबह गड्ढे से बरामद हुआ। मृतक के भाइयों ने बताया कि पूरी रात परिवार सहायता के लिए भटकता रहा, लेकिन पुलिस के असहयोगी रवैये का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो जान बचाई जा सकती थी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए, मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि सरकार द्वारा घोषित 10 लाख रुपये की सहायता इस त्रासदी के सामने अपर्याप्त है।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुले गड्ढों और अधूरी खुदाई के कारण होने वाली ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कदम नहीं उठाते।
धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में बैठाकर हिरासत में लिया गया और स्थल से दूर छोड़ दिया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।