Skip to content
March 7, 2026
  • Facebook
  • Youtube
  • X (Twitter)
  • Instagram

Rashtra Times

Largest Hindi Weekly newspaper of india

Primary Menu
  • Home
  • राजनीति
  • E-Paper
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • तकनीक
  • Astrology
  • मनोरंजन
  • Astrology
  • बिज़नेस
  • Polls
  • स्वास्थ्य
  • खेल
वीडियो समाचार
  • Home
  • 2026
  • March
  • 7
  • राजनीति
  • नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य
  • दुनिया
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य

rashtratimesnewspaper March 7, 2026 1 min read
WhatsApp Image 2026-03-07 at 5.55.39 PM

डॉ. नीलम यादव; शिक्षाविद्, बहरोड़ (अलवर)

भारतीय सभ्यता प्राचीन काल से ही नारी तत्व के प्रति श्रद्धा और चिंतन में अद्वितीय रही है। नारी केवल जीवनदात्री ही नहीं, बल्कि विचारों और संस्कारों की जन्मदाता भी है। उसकी करुणा और चेतना समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। ऋग्वेद से लेकर वर्तमान समय तक हर युग में नारी के त्याग, साहस और समर्पण ने समाज को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की हैं। परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ वह राष्ट्रीय निर्माण की भी निर्णायक शक्ति है।

नारी का उत्थान केवल अधिकार का प्रश्न नहीं, बल्कि राष्ट्र का नैतिक कर्तव्य है। आज 8 मार्च को पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, जिसका मूल उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। लैंगिक असमानता को समाप्त कर प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराना ही वास्तविक महिला सशक्तीकरण का आधार है।

सशक्तीकरण का पहला अध्याय बेटी के जन्म से शुरू होता है। परिवार में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त कर बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार देना परिवार का पहला कर्तव्य है। उन्हें भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। परिश्रम, संघर्ष, धैर्य और संस्कारों की भावना को विकसित करना शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी है। वहीं समाज का दायित्व है कि बेटियों की उपलब्धियों पर उन्हें प्रोत्साहन और संबल प्रदान करे।

विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी और अवसर सुनिश्चित करना आवश्यक है। राष्ट्र केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार, समुदाय और समाज की संयुक्त इकाई है। इसलिए महिला सशक्तीकरण राष्ट्र चिंतन का महत्वपूर्ण विषय है।

आज की नारी पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों के साथ-साथ कार्यस्थल पर भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है। शिक्षित और जागरूक महिला न केवल अपने परिवार के विकास में योगदान देती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। धैर्य, सहनशीलता, करुणा और सामंजस्य जैसे गुणों से युक्त महिलाएँ समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।

आज के समय में ‘अल्फा वुमन’ की अवधारणा भी उभर कर सामने आई है। अल्फा वुमन वे सफल और प्रभावशाली महिलाएँ हैं, जो अपने क्षेत्र में अग्रणी होते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनती हैं। वे चुनौतियों को स्वीकार कर आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती हैं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं। स्वावलंबन केवल आर्थिक नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी ज्ञान से भी आता है।

वास्तविक महिला सशक्तीकरण तभी संभव होगा, जब पुरुष भी महिलाओं की समान भागीदारी को स्वीकार कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देंगे। आज देश में महिलाओं की अनगिनत उपलब्धियों के बावजूद अशिक्षा, लैंगिक असमानता, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और यौन शोषण जैसी समस्याएँ समाज के सामने गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।

परिवर्तन समय की आवश्यकता है, लेकिन सुधार मानवीय आवश्यकता है। यदि समाज स्वयं में बदलाव लाएगा तो युग भी बदलेगा। स्त्री के त्याग, संघर्ष और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्राचीन भारत में स्त्रियाँ केवल श्रद्धा की पात्र ही नहीं थीं, बल्कि विचार और निर्णय की सशक्त वाहक भी थीं।

जनकनंदिनी सीता माता के बारे में ऋषि वाल्मीकि ने लिखा है— “सा धर्मज्ञा महाभागा नित्यमुक्तम् धारिणी।” वहीं स्वामी विवेकानंद ने भारतीय नारी को नि:स्वार्थ भाव से दूसरों के हित के लिए कष्ट सहने वाली अद्वितीय शक्ति बताया है।

स्त्री केवल कर्तव्यनिष्ठ ही नहीं, बल्कि अन्याय के प्रतिकार और धर्म की स्थापना की प्रेरक शक्ति भी है। यही वह दिव्य शक्ति है, जो अज्ञान को ज्ञान में और भय को साहस में बदलकर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।

निस्संदेह, महिला सशक्तीकरण के साथ ही विकसित राष्ट्र की संकल्पना आने वाले समय में साकार होगी।

About Author

rashtratimesnewspaper

राष्ट्र टाइम्स हिंदी साप्ताहिक समाचारपत्र है, जो 1981 में शुरू किया गया था। यह समाचारपत्र भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित है और हर सप्ताह जारी किया जाता है। इस समाचारपत्र के उद्देश्य के रूप में देश और विदेश की ताजा घटनाओं की विस्तृत विवरण प्रदान करना और आधुनिक समाज में जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

राष्ट्र टाइम्स को नई दिल्ली के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक माना जाता है जिसका पैमाना देश और दुनिया भर में बड़े वर्गों तक होता है। इस समाचारपत्र का मुख्य आधार हिंदी भाषा है जिससे उन लोगों तक समाचार पहुंचता है जो अंग्रेजी नहीं जानते हैं।

इस समाचारपत्र में व्यापक क्षेत्रों पर विशेषज्ञता वाले न्यूज रिपोर्टरों और लेखकों की टीम है, जो उन विषयों पर विस्तृत रूप से विचार करते हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण लगते हैं।

See author's posts

Post navigation

Previous: राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 46, अंकः 10, नई दिल्ली, 08 से 14 मार्च 2026

संबंधित कहानियां

adhaar
1 min read
  • बिज़नेस
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

आ गया नया आधार वर्ष; 2022-23 बना अर्थव्यवस्था का नया आईना

rashtratimesnewspaper March 5, 2026 0
WhatsApp Image 2026-03-05 at 9.49.00 AM
1 min read
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

ढेंकनाल में 100 आदिवासी परिवारों को मिले पक्के घर

rashtratimesnewspaper March 5, 2026 0
WhatsApp Image 2026-03-04 at 2.16.11 PM
1 min read
  • राष्ट्रीय

स्व. श्रीमती कमल चतुर्वेदी की जयंती पर भावपूर्ण काव्य गोष्ठी

rashtratimesnewspaper March 4, 2026 0

लेखक के बारे में

Vijay Shankar Chaturvedi

ट्रेंडिंग समाचार

नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य WhatsApp Image 2026-03-07 at 5.55.39 PM 1
  • दुनिया
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य

March 7, 2026 0
राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 46, अंकः 10, नई दिल्ली, 08 से 14 मार्च 2026 logo 2
  • E-Paper

राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 46, अंकः 10, नई दिल्ली, 08 से 14 मार्च 2026

March 7, 2026 0
सैनी एन्क्लेव पार्क में रंगों और उत्साह के साथ मना भव्य होली उत्सव WhatsApp Image 2026-03-05 at 6.23.17 PM 3
  • धार्मिक
  • मनोरंजन

सैनी एन्क्लेव पार्क में रंगों और उत्साह के साथ मना भव्य होली उत्सव

March 6, 2026 0
टैगोर थिएटर में गूंजा सामाजिक चेतना का स्वर, “OUT OF FRAME” ने दर्शकों को किया भावुक WhatsApp Image 2026-03-05 at 3.38.57 PM 4
  • मनोरंजन

टैगोर थिएटर में गूंजा सामाजिक चेतना का स्वर, “OUT OF FRAME” ने दर्शकों को किया भावुक

March 6, 2026 0
आ गया नया आधार वर्ष; 2022-23 बना अर्थव्यवस्था का नया आईना adhaar 5
  • बिज़नेस
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

आ गया नया आधार वर्ष; 2022-23 बना अर्थव्यवस्था का नया आईना

March 5, 2026 0
  • Share on Facebook
  • Share on Twitter
  • Share on LinkedIn

हो सकता है आप चूक गए हों

WhatsApp Image 2026-03-07 at 5.55.39 PM
1 min read
  • दुनिया
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य

rashtratimesnewspaper March 7, 2026 0
logo
  • E-Paper

राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 46, अंकः 10, नई दिल्ली, 08 से 14 मार्च 2026

rashtratimesnewspaper March 7, 2026 0
WhatsApp Image 2026-03-05 at 6.23.17 PM
1 min read
  • धार्मिक
  • मनोरंजन

सैनी एन्क्लेव पार्क में रंगों और उत्साह के साथ मना भव्य होली उत्सव

rashtratimesnewspaper March 6, 2026 0
WhatsApp Image 2026-03-05 at 3.38.57 PM
1 min read
  • मनोरंजन

टैगोर थिएटर में गूंजा सामाजिक चेतना का स्वर, “OUT OF FRAME” ने दर्शकों को किया भावुक

rashtratimesnewspaper March 6, 2026 0

Meta

  • Log in
  • Entries feed
  • Comments feed
  • WordPress.org

नवीनतम

  • नारी से नारायणी: संबोधन नहीं, कर्तव्य
  • राष्ट्र टाइम्स, वर्षः 46, अंकः 10, नई दिल्ली, 08 से 14 मार्च 2026
  • सैनी एन्क्लेव पार्क में रंगों और उत्साह के साथ मना भव्य होली उत्सव
  • टैगोर थिएटर में गूंजा सामाजिक चेतना का स्वर, “OUT OF FRAME” ने दर्शकों को किया भावुक
  • आ गया नया आधार वर्ष; 2022-23 बना अर्थव्यवस्था का नया आईना

श्रेणियाँ

  • E-Paper
  • Uncategorized
  • खेल
  • तकनीक
  • दुनिया
  • धार्मिक
  • बिज़नेस
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • स्वास्थ्य
कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित rashtratimes | MoreNews by AF themes.