- योगेश भट्ट
ग्रेटर नोएडा। शारदाकेयर–हेल्थसिटी के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) रिप्लेसमेंट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर केन्या की 44 वर्षीय महिला एलिस वांगुई मुथोनी को लगभग 17 वर्षों से चली आ रही गंभीर जबड़े की समस्या से राहत दिलाई है। एलिस लंबे समय से निचले जबड़े में ट्यूमर की जटिलताओं के कारण जबड़े की विकृति, दर्द और कार्यक्षमता में कमी से जूझ रही थीं। उन्हें मुंह खोलने, खाने और बोलने में भारी परेशानी होती थी। इस समस्या ने उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला। भारत आने से पहले उनकी तीन सर्जरी हो चुकी थीं, लेकिन कोई स्थायी लाभ नहीं मिला। बेहतर उपचार की तलाश में भारत पहुंचीं एलिस का इलाज शारदाकेयर–हेल्थसिटी में डॉ. रोहित पुंगा (डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – क्रेनियो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) की देखरेख में किया गया। डॉक्टरों की टीम ने मरीज के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए कस्टम इम्प्लांट के साथ राइट एक्सटेंडेड टोटल TMJ रिप्लेसमेंट किया। इस जटिल सर्जरी से पहले विस्तृत सीटी स्कैन और 3डी प्लानिंग की गई। इसके बाद खराब हो चुके जबड़े के जोड़ को हटाकर उसकी जगह कृत्रिम जोड़ लगाया गया, जिसे टाइटेनियम स्क्रू की मदद से सुरक्षित रूप से स्थापित किया गया।
सर्जरी के बाद एलिस के जबड़े की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब वह पहले की तुलना में आसानी से खाना खा पा रही हैं, स्पष्ट बोल पा रही हैं और दर्द में भी काफी कमी आई है। उनके चेहरे का संतुलन भी काफी हद तक बहाल हो गया है।
डॉ. रोहित पुंगा ने बताया कि TMJ रिप्लेसमेंट दुनिया की सबसे दुर्लभ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में से एक है और इसे केवल चुनिंदा विशेष केंद्रों पर ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में अत्यंत सटीक योजना और कस्टमाइज्ड इम्प्लांट की आवश्यकता होती है।
अपने अनुभव को साझा करते हुए एलिस ने कहा कि सर्जरी के बाद उनका आत्मविश्वास लौट आया है और चेहरे का संतुलन देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने अस्पताल और डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया। शारदाकेयर–हेल्थसिटी के सीईओ डॉ. कौसर शाह ने कहा कि यह सफलता अस्पताल की उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता का प्रमाण है, और यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मरीज भी भरोसे के साथ इलाज के लिए आते हैं। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में हर साल केवल कुछ हजार TMJ रिप्लेसमेंट सर्जरी ही की जाती हैं। यह सर्जरी अत्याधुनिक तकनीक, उच्च स्तरीय सर्जिकल कौशल और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीमवर्क की मांग करती है।