मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी के पावन अवसर पर देशभर में भक्तिभाव और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान श्रीराम की आराधना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
राजधानी दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया तथा प्रसाद वितरण किया गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, राम नवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जो धर्म, सत्य और आदर्शों के प्रतीक हैं। इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति, सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
इस पावन पर्व पर विजय शर्मा (समाचार संपादक, सांध्य वीर अर्जुन) ने भी सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, कर्तव्य और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है।