- राजेंद्र तोमर
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से नई दिल्ली में महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में संचालित ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद केंद्रीय मंत्री को भेंट किए। इस अवसर पर इन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, बेहतर ब्रांडिंग और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने ‘लखपति दीदी’ अभियान की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों के लंबित भुगतान को लेकर भी अहम चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि श्रमिकों के पारिश्रमिक सहित सभी देयताओं के लिए धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाने के लिए एसएनए स्पर्श प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।


प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आवासों का सर्वे पूरा हो चुका है और अब शीघ्र लक्ष्य आवंटन आवश्यक है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता के आधार पर आवास निर्माण का लक्ष्य दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश ने 500 की जनसंख्या सीमा को घटाकर 250 करने का प्रस्ताव रखा, ताकि अधिक से अधिक गांवों को ‘हर मौसम सड़क’ से जोड़ा जा सके। केंद्रीय मंत्री ने चौथे चरण में शीघ्र स्वीकृति देने और तीसरे चरण की परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आय वृद्धि पर विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त नारी – सुरक्षित समाज’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए मिशन शक्ति के अंतर्गत हो रहे कार्यों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि आजीविका मिशन के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और मानव संसाधन को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया गया। साथ ही भविष्य में प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश गौरीशंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक दीपा रंजन सहित केंद्र व राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।