मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) का एक कथित “वॉकिंग लाइसेंस” इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वर्ष 1956 दिनांकित इस दस्तावेज़ में “Bombay City Walking Licence” लिखा हुआ है, जिसे बॉम्बे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन और बॉम्बे पुलिस एक्ट 1951 के तहत जारी बताया गया है।
लाइसेंस में धारक का नाम, पता, चलने की शैली, जूते का प्रकार, रोज़ाना तय की जाने वाली दूरी और मार्ग तक का उल्लेख किया गया है। साथ ही “No unnecessary loitering without valid reason” जैसी शर्तें भी दर्ज हैं। दस्तावेज़ पर बॉम्बे पुलिस की मुहर और हस्ताक्षर भी दिखाई देते हैं।
हालांकि इतिहासकारों और सोशल मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि यह दस्तावेज़ वास्तविक सरकारी रिकॉर्ड कम और व्यंग्यात्मक या मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया एक क्रिएटिव डिज़ाइन अधिक प्रतीत होता है। “Health Remark: Fit for morning walks and mild gossip stops” तथा “Penalty: Running without endorsement will invite fine” जैसी पंक्तियां इसे हास्यपूर्ण बनाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटिश काल और उसके बाद कई प्रकार के लाइसेंस और परमिट प्रचलन में थे, लेकिन पैदल चलने के लिए आधिकारिक लाइसेंस की व्यवस्था का कोई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
इसके बावजूद यह तस्वीर इंटरनेट पर लोगों की उत्सुकता का केंद्र बनी हुई है और कई लोग इसे पुराने प्रशासनिक नियमों से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स मजाकिया अंदाज़ में पूछ रहे हैं कि “क्या आज के ट्रैफिक नियमों के बाद अब वॉकिंग लाइसेंस भी बनवाना पड़ेगा?”