नई दिल्ली, शकरपुर। विद्या बाल भवन, शकरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम देखने को मिला। सुप्रसिद्ध कथा व्यास श्री योगेश राधे-राधे जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव कल्याण के संदेशों का विस्तृत वर्णन किया गया।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. हरि दत्त शर्मा एवं डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और नैतिक संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को भी मजबूत करती है।

कथा व्यास श्री योगेश राधे-राधे जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में भागवत कथा जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं मानव को सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। कथा श्रवण से मन की शुद्धि होती है और व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और कृष्ण भक्ति की मधुर धुनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने कथा व्यास श्री योगेश राधे-राधे जी महाराज का सम्मान किया तथा सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोषों से पूरा परिसर गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।