महिला सम्मान, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अलका लांबा के समर्थन में सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान #IStandWithAlkaLambaJi ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। अभियान के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है।
अभियान से जुड़े पोस्टर में संविधान की प्रति हाथ में लिए अलका लांबा और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर का संदेश स्पष्ट है— “संविधान हमारा, अधिकार हमारा, संघर्ष हमारा”। इसके माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि यदि महिलाएं अपने अधिकारों और सम्मान की मांग करती हैं तो उन्हें विरोध और प्रताड़ना का सामना क्यों करना पड़ता है।
पोस्टर में महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला सम्मान की गारंटी देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि लोकतंत्र तब तक पूर्ण नहीं माना जा सकता जब तक महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान और प्रभावी भागीदारी न मिले।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, महिला आरक्षण का मुद्दा आगामी चुनावी और संसदीय विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सोशल मीडिया पर इस अभियान को बड़ी संख्या में समर्थन मिल रहा है और विभिन्न वर्गों की महिलाएं इसे अपने अधिकारों की आवाज के रूप में देख रही हैं।
“नारी सम्मान – नारी अधिकार – नारी स्वाभिमान” के संदेश के साथ चल रहा यह अभियान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।