दिल्ली में हवा की गुणवत्ता हुई ‘बेहद खराब’

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नयी दिल्ली : दिल्ली में आबोहवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। प्रशासन द्वारा वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए जाने के बावजूद मंगलवार को हवा की गुणवत्ता गिरकर बेहद खराब हो गई। केंद्र की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली के अनुसार, दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 293 दर्ज किया गया जो ‘‘बेहद खराब’’ श्रेणी से महज आठ अंक नीचे है।  उल्लेखनीय है कि 0 से 50 के बीच एक्यूआई ‘‘अच्छा’’ माना जाता है, 50 और 100 के बीच ‘‘संतोषजनक’’, 101 और 200 के बीच ‘‘मध्यम’’ श्रेणी का, 201 और 300 के बीच ‘‘खराब’’, 301 और 400 के बीच ‘‘बेहद खराब’’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई ‘‘गंभीर’’ माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वाहनों और निर्माण गतिविधियों से होने वाला प्रदूषण, हवा की गति ,मौसम संबंधी कारक जैसे कई कारण शहर में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सड़कों की मशीनों से सफाई, कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध, ईंट के भट्टों में प्रदूषण नियंत्रण जैसे कदम और संवेदनशील इलाकों में यातायात के सुचारू संचालन के लिए पुलिस की तैनाती समेत कई कदम उठाए गए। शहर में जेनरेटर के इस्तेमाल पर पहले ही प्रतिबंध है लेकिन बिजली की दिक्कत के कारण एनसीआर के कई हिस्सों में इनकी अनुमति है। अधिकारी ने कहा, ‘‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) शहर में शुरू किया गया लेकिन जमीनी स्तर पर इसे लागू करने का काम चल रहा है।’’ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित जीआरएपी में सीपीसीबी के दैनिक एक्यूआई के आधार पर वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कदमों को तय किया गया है। अधिकारी ने बताया कि अगर 48 घंटे के लिए वायु प्रदूषण का स्तर ‘‘बेहद खराब’’ या ‘‘गंभीर’’ दर्ज किया जाता है तो आपात योजना लागू की जाती है लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में सर्दियों में देखे गए प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए वायु की गुणवत्ता ‘‘खराब’’ श्रेणी में आने पर भी योजना लागू कर दी गई। सीपीसीबी ने वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए उठाए कदमों को लागू करने की निगरानी के लिए 41 टीमें गठित की है। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को आनंद विहार में एक्यूआई 381, द्वारका सेक्टर 8 में 373, आईटीओ में 296 और जहांगीर पुरी में 321 दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पीएम10 का स्तर (हवा में 10 माइक्रोमीटर से कम मोटाई के कणों की मौजूदगी) 274 दर्ज किया गया और पीएम2.5 का स्तर 119 दर्ज किया गया। पीएम10 और पीएम2.5 दोनों खराब श्रेणी के हैं।

Pulkit Chaturvedi
penning down thoughts since 2003 - Proud Indian

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