सतत शहरी स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने आज काका नगर को अपनी छठी अनुपम कॉलोनी घोषित किया। इसके साथ ही काका नगर दिल्ली की पहली आवासीय कॉलोनी बन गई है, जहाँ यांत्रिक एवं धूल-रहित सफाई प्रणाली अपनाई गई है।
इसकी औपचारिक घोषणा एनडीएमसी के अध्यक्ष, श्री केशव चंद्रा द्वारा की गई। उन्होंने इस पहल को शहरी स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताते हुए कहा कि यह पारंपरिक मैनुअल सफाई व्यवस्था से आधुनिक यांत्रिक स्वच्छता प्रणाली की ओर एक निर्णायक परिवर्तन को दर्शाती है। इस अभिनव मॉडल के अंतर्गत काका नगर में अब पाँच (05) पुश-बैक मैकेनिकल स्वीपर एवं एक (01) गॉब्लर मशीन के माध्यम से सफाई कार्य किया जा रहा है, जिससे धूल उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

श्री चंद्रा ने कहा कि इस घोषणा के साथ काका नगर, एनडीएमसी क्षेत्र की उन पाँच अन्य आवासीय कॉलोनियों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्हें पूर्व में अनुपम कॉलोनी घोषित किया गया था। उन्होंने काका नगर की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहाँ सभी सफाई कार्य पूर्णतः यांत्रिक माध्यमों से किए जा रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण में कमी लाते हुए यह पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता का एक आदर्श मॉडल बन गया है।
पालिका परिषद अध्यक्ष ने कहा कि “यह पहल एनडीएमसी क्षेत्र में कॉलोनी-स्तरीय स्वच्छता के एक नए युग की शुरुआत है।” उन्होंने बताया कि यह परियोजना वर्तमान में पायलट परियोजना आधार पर लागू की जा रही है तथा इसकी सफलता के आधार पर इसे एनडीएमसी क्षेत्र की अन्य कॉलोनियों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एनडीएमसी पारंपरिक झाडू आधारित सफाई पर निर्भरता कम करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे स्वच्छ वायु और स्वस्थ जीवन-पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।
श्री चंद्रा ने इस पहल को सफल बनाने में रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सक्रिय सहयोग की सराहना की तथा सफाई व्यवस्था के संचालन और रख-रखाव में लगे स्वच्छता कर्मियों एवं फील्ड स्टाफ के समर्पण एवं कड़ी मेहनत की भी प्रशंसा की।
तकनीकी जानकारी देते हुए सलाहकार (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन), एनडीएमसी, श्री राजीव कुमार जैन ने बताया कि कॉलोनी में उत्पन्न गीले एवं बागवानी अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु विभिन्न स्थानों पर 12 वायर-मेश कंपोस्टिंग राउंडर स्थापित किए गए हैं। तैयार की गई जैविक खाद का उपयोग कॉलोनी के पार्कों के रख-रखाव में किया जा रहा है तथा इसे निवासियों के बीच भी वितरित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि “गीला कूड़ा लाओ – खाद ले जाओ” पहल के अंतर्गत पिछले सात दिनों में निवासियों को खाद का वितरण किया गया है, जिससे घर-घर कचरा पृथक्करण और इसके सतत व्यवहार को बढ़ावा मिला है।
नागरिक सहभागिता एवं जन-भागीदारी को और सुदृढ़ करने हेतु कॉलोनी में आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज़, रीसायकल) केंद्र तथा “नेकी की दीवार” की स्थापना की गई है, जहाँ निवासी कपड़े, पुस्तकें एवं घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएँ दान कर सकते हैं। इस केंद्र का उद्घाटन आरडब्ल्यूए के सदस्यों द्वारा किया गया। साथ ही निवासियों को पुनर्चक्रण योग्य सामग्री निर्धारित डिब्बों में डालने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे प्रभावी रीसाइक्लिंग सुनिश्चित हो सके।
इससे पहले एनडीएमसी द्वारा पाँच आवासीय कॉलोनियों को “अनुपम कॉलोनी” का दर्जा प्रदान किया जा चुका है जिनमे डी-1, डी-2 एवं सत्य सदन अधिकारी आवास, भारती नगर, आराधना (बर्मा शेल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड), बापू धाम तथा न्यू मोती बाग शामिल है और ये सभी कॉलोनियाँ पर्यावरण-उत्तरदायी एवं सतत शहरी जीवन की उत्कृष्ट मिसाल के रूप में स्थापित हैं।