- योगेश भट्ट
जयपुर। राजस्थान में जल संचय और जल संरक्षण की अलख जगाकर सैकड़ों गांवों को जल संकट से राहत दिलाने वाले प्रख्यात पर्यावरणविद एवं लापोडिया निवासी राजा श्री लक्ष्मण सिंह जी को हाल ही में जी एल बी ग्लोबल यूनिवर्सिटी, बीकानेर द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में ‘डॉक्टर ऑफ लैटर्स’ (D.Litt.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए भारत सरकार पहले ही उन्हें प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से अलंकृत कर चुकी है। राजा लक्ष्मण सिंह जी ने अपने नवाचारों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से न केवल जल संकट का समाधान प्रस्तुत किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक सशक्त मिसाल भी कायम की है।
उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए देश की विभिन्न सामाजिक एवं पर्यावरणीय संस्थाओं द्वारा समय-समय पर उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र, दिल्ली का राष्ट्रीय जे.पी. अवार्ड, नव प्रभात जन सेवा संस्थान का राष्ट्र रत्न सम्मान, राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति का राष्ट्र विभूषण सम्मान तथा ग्रीन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट, बल्लभगढ़ द्वारा प्रदान किया गया संत सुन्दर लाल बहुगुणा सम्मान प्रमुख हैं।
इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत, डा० जगदीश चौधरी, प्रो० डा० जितेन्द्र नागर, डा० संजय राणा, रामभरोस मीणा, संजीव यादव, अनूप दुबे तथा डा० प्रशांत सिन्हा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल राजा लक्ष्मण सिंह जी का, बल्कि पूरे देश के पर्यावरण कार्यकर्ताओं का गौरव है।
यह सम्मान जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके समर्पण, नवाचार और जनसेवा की भावना का राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्वीकार है।