- विवेक शुक्ला

भारत में एक अलग तरह की क्रांति दस्तक दे रही है। मध्यम आयु वर्ग के पुरुष और महिलाएं अब अपने आपको अधिक आकर्षक और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने के लिए चेहरे की एडवांस सर्जरी करवा रहे हैं। समय के साथ बढ़ती उम्र, व्यस्त जीवनशैली और बदलते सामाजिक-व्यावसायिक माहौल में ये लोग अब केवल स्वस्थ रहने पर ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप-सौंदर्य को बनाए रखने पर भी गंभीरतापूर्वक ध्यान दे रहे हैं।
इस सर्जरी को डीप प्लेन फेसलिफ्ट सर्जरी कहते हैं। पहले यह सर्जरी सिर्फ बड़े-बड़े सितारों तक ही सीमित थी, लेकिन अब मिडिल क्लास भारतीय भी इसके लिए स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से सलाह ले रहे हैं।

पूरे भारत में 40 से 65 साल के पुरुष और महिलाएं इस सिद्ध सर्जरी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। यह सर्जरी चेहरे को नाटकीय तरीके से नहीं, बल्कि बहुत नेचुरल और सूक्ष्म तरीके से जवान बनाती है। लोग अपनी उम्र के साथ आने वाली झुर्रियों, ढीली त्वचा और थकी हुई लुक से छुटकारा पाना चाहते हैं।
इस तकनीक को भारत में आगे बढ़ाने वाले दिल्ली के मशहूर फेशियल प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रतीक शर्मा, जो पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से जुड़े थे और आजकल राजधानी के ईवाइट एस्थेटिक्स अस्पताल में कार्यरत हैं, ने एक सेमिनार में बताया कि गहरी लेयर्स को लिफ्ट करने से रिजल्ट ज्यादा लंबे समय तक रहते हैं और चेहरा ज्यादा नैचुरल और संतुलित दिखता है।
वे कहते हैं, “ये सिर्फ झुर्रियाँ मिटाने की बात नहीं है। ये लोगों को आत्मविश्वास वापस लौटाने और दुनिया के सामने नए जोश के साथ खड़े होने में मदद करता है।”
डीप प्लेन फेसलिफ्ट आखिर है क्या? साधारण फेसलिफ्ट सर्जरी में सिर्फ ऊपरी स्किन को खींचा जाता है। लेकिन डीप प्लेन फेसलिफ्ट उससे कहीं आगे जाती है। इसमें उम्र के साथ ढीले पड़ चुके मसल्स, फैट पैड्स और कनेक्टिव टिश्यू को भी ध्यान से संभाला जाता है।
सर्जन इन सबको एक साथ एक यूनिट के रूप में ऊपर उठाता है। इसमें मिड-फेस, जबड़ा, गाल और गर्दन सब शामिल होते हैं। इससे चेहरा स्मूद हो जाता है, नाक से मुंह तक की गहरी लकीरें कम हो जाती हैं और चेहरे में फिर से जवानी वाली चमक लौट आती है। यह प्रक्रिया चेहरे की गहराई में काम करती है, इसलिए नतीजा बहुत प्राकृतिक लगता है।
पहले एम्स से जुड़ी रही प्लास्टिक सर्जन डॉ. श्रेया गर्ग, जो अब अलोइसियावाइट एस्थेटिक्स अस्पताल में कार्यरत हैं, बताती हैं कि यह प्रोसीजर अब अमीरों की लग्जरी नहीं रह गई है। अब लोअर मिडिल क्लास परिवारों की महिलाएं और पुरुष भी इसे करवा रहे हैं।
खास बात यह है कि बदलाव बहुत सूक्ष्म लेकिन असरदार होता है। आत्मविश्वास बढ़ता है, लेकिन कोई यह नहीं कह पाता कि “इन्होंने कुछ करवाया है”। दोस्त और परिवार वाले बस इतना कहते हैं कि आप बहुत तरोताजा और खुश दिख रहे हैं।
विशेषज्ञों के पास परामर्श के लिए हर वर्ग से लोग आ रहे हैं। सरकारी नौकरी वाले, प्राइवेट सेक्टर के मैनेजर, बिजनेसमैन और घरेलू महिलाएं सभी इसमें रुचि ले रहे हैं। लोग अब कॉस्मेटिक सर्जरी को दिखावा नहीं, बल्कि अपने इमेज, करियर और वेल-बीइंग में निवेश मानते हैं। उम्र तो सबको लगती है, यह सर्जरी बस उस मैदान को थोड़ा बराबर कर देती है।
इसके अलावा, यह सर्जरी गर्दन की त्वचा को भी टाइट करती है, जिससे डबल चिन जैसी समस्या कम हो जाती है। चेहरे पर थकान का भाव कम होता है और आंखों के नीचे की सूजन भी घटती है। रिकवरी का समय भी अब पहले से काफी कम हो गया है। ज्यादातर लोग 10-14 दिनों में सामान्य कामकाज पर लौट आते हैं।
सर्जरी से पहले डॉक्टर पूरी जांच करते हैं। ब्लड टेस्ट, हार्ट चेकअप और मेडिकल हिस्ट्री देखी जाती है। सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया में होती है और इसमें दो से चार घंटे लगते हैं। बाद में हल्का सूजन और चोट के निशान रह सकते हैं, जो धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं।
अमेरिका और यूरोप में यह हॉलीवुड और फैशन जगत की कई हस्तियों का पसंदीदा विकल्प बन चुका है। सोनजा मॉर्गन, रिकी लेक, मैकेंजी वेस्टमोर, जैकी हैरी जैसी सेलिब्रिटीज ने भी इसके नेचुरल रिजल्ट्स की तारीफ की। क्रिस जेनर जैसी हस्तियों के साथ भी इसकी चर्चा रहती है।
भारत में भी कई बड़े सितारों ने इस सर्जरी को करवाया है, पर वे इस बात को अज्ञात कारणों से सार्वजनिक नहीं करते। अमेरिका और यूरोप में अधेड़ और उम्र दराज लोग डीप प्लेन फेसलिफ्ट सर्जरी का लाभ लंबे समय से ले रहे हैं। वहां बहुत सारे हॉलीवुड सितारे भी इस सर्जरी को करवाने के बाद अपने करियर को चमका रहे हैं।
भारत में भी अब जागरूकता बढ़ रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ जैसे शहरों में अच्छे अस्पताल उपलब्ध हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि सर्जरी चुनने से पहले हमेशा योग्य और अनुभवी सर्जन से ही संपर्क करें।
आज के समय में दिखावे और आत्मविश्वास का महत्व बहुत बढ़ गया है। डीप प्लेन फेसलिफ्ट सर्जरी उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर उभरी है जो अपनी उम्र को महसूस नहीं करना चाहते। यह सर्जरी सिर्फ चेहरे को नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय को खोलती है।
अगर आप भी 45 साल के पार हैं और लगता है कि चेहरा थका हुआ दिख रहा है, तो एक अच्छे सर्जन से सलाह जरूर लें। सही निर्णय से आपका आत्मविश्वास नया जोश पा सकता है।