Modi Cabinet Expansion Phone Call After Which 12 Ministers Resigned ANN | वो फोन कॉल, 12 घंटी में 12 मंत्रियों का इस्तीफा

0
15
49 Views


Modi Cabinet Expansion: सात जुलाई की सुबह थी और वक्त भी सुबह 7 बजे के आस-पास का था, सूरज सुबह-सुबह आग के गोले बरसा रहा था. मौसम गर्म था और देश का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ था, मोदी सरकार का विस्तार होने जा रहा था. 36 नए मंत्रियों को शाम को शपथ लेनी थी लेकिन कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी होनी थी. छुट्टी की सूचना देने की ज़िम्मेदारी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के कंधे पर थी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा बारी-बारी से सरकार के मंत्रियों को फ़ोन करने में व्यस्त थे, यह उनके लिए बहुत कठिन समय था क्योंकि उन्हें अपनी पार्टी के वरिष्ठ मंत्रियों से अपने पद से इस्तीफ़ा देने की बात कहनी थी.

फोन करने से पहले उनके ज़हन में चल रहा था किसे सबसे पहले फ़ोन करे लेकिन पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें यह बीड़ा उठाना ही था, उन्हें पहला फ़ोन हरियाणा के रतन लाल कटारिया को किया और उन्हें बताया कि पार्टी ने फ़ैसला लिया है कि अब उन्हें मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना है, अपनी अगली ज़िम्मेदारी पार्टी जल्द तय करेगी, इसलिए आप जल्द अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दें.

इसके बाद पार्टी अध्यक्ष नड्डा सुबह 8 बजे तक बारी-बारी से 12 मंत्रियों को ये बुरी ख़बर और पार्टी का निर्देश बताने में व्यस्त रहे. कुछ मंत्रियों ने पार्टी के फ़ैसले की वजह जाननी चाही तो कुछ ने फ़ैसले को तुरंत शिरोधार्य कर लिया.

देश के क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपना इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष नड्डा के फ़ोन कॉल के कुछ देर के भीतर ही डिक्टेट किया और प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया. सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी अपना इस्तीफ़ा नड्डा के फ़ोन कॉल के कुछ देर के भीतर ही भिजवा दिया.

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंख ने बाक़ायदा तीन पेज का इस्तीफ़ा टाइप करवाया है उसमें अपने मंत्रालय के दो साल की उपलब्धियों को गिनवाया और उसके बाद आख़िरी में अपने स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस्तीफ़ा देने का ज़िक्र किया और प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया.

दोपहर होते-होते लाभांश सभी मंत्रियों के इस्तीफ़े की ख़बर सामने आ गयी. सबसे ज़्यादा बंगाल और महाराष्ट्र के मंत्रियों को इस्तीफ़े देने पड़े. बंगाल से दो मंत्रियों बाबुल सूप्रियो और देब श्री चौधरी को और महाराष्ट्र से प्रकाश जवड़ेकर और संजय दोहित्रे को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा.

इनमें से कुछ मंत्रियों के कामकाज में कमजोर प्रदर्शन, कुछ को पार्टी और संघ की शिकायतों और कुछ को पार्टी के संगठन में अहम ज़िम्मेदारी देने के लिए इस्तीफ़ा देने को कहा गया. कुछ दिनो के भीतर ये भी साफ़ जो जाएगा कि इनमें से किसे क्या ज़िम्मेदारी दी जाएगी.

मोदी कैबिनेट विस्तार के बाद पहली बैठक में बड़े फैसले- हेल्थ इमरजेंसी के लिए 23 हजार करोड़ का पैकेज, मंडी के जरिए किसानों को 1 लाख करोड़



Source link

Vijay Chaturvedi

Leave a Reply