- अनंत मित्तल
नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, द्वारका द्वारा 14 और 15 मई 2026 को “भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ: निरंतरता, व्यवधान और संश्लेषण” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न विषयों के विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ भारतीय ज्ञान प्रणालियों (IKS) के निरंतर विकसित होते स्वरूप पर गंभीर अकादमिक विमर्श किया जा सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लागू होने के बाद भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ अकादमिक शोध और विमर्श के प्रमुख क्षेत्रों में उभरकर सामने आई हैं। इसी संदर्भ में आयोजित यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपराओं की ऐतिहासिक गहराई, बौद्धिक विरासत, कार्यप्रणाली संबंधी चुनौतियों और समकालीन प्रासंगिकता पर अंतर्विषयक दृष्टिकोण से चर्चा का अवसर प्रदान करेगा।
सम्मेलन में देशभर से प्रतिष्ठित विद्वान, शोधकर्ता तथा सार्वजनिक बुद्धिजीवी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति पद्मश्री प्रो. डॉ. महेश वर्मा के अध्यक्षीय संबोधन तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सदस्य सचिव श्री सच्चिदानंद जोशी के उद्घाटन भाषण से होगा। प्रसिद्ध विज्ञान इतिहासकार प्रो. दीपक कुमार मुख्य वक्ता के रूप में अपना व्याख्यान देंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणालियों के क्षेत्र में सार्थक अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा शोध एवं अध्ययन की नई दिशाओं को प्रोत्साहित करना है।