
- गौतम लाहिड़ी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि अवामी लीग को किसी प्रतिबंध या दमन से दबाया नहीं जा सकता और पार्टी जनता के समर्थन से पहले से अधिक मजबूत होकर वापसी करेगी। एक विस्तृत बातचीत में उन्होंने अपने संभावित स्वदेश लौटने, लोकतंत्र की बहाली, आर्थिक संकट, स्वास्थ्य व्यवस्था, उग्रवाद और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर खुलकर विचार व्यक्त किए।

17 मई को अपना “होमकमिंग डे” बताते हुए शेख हसीना ने कहा कि 1981 में छह वर्षों के निर्वासन के बाद वह जनता के प्यार और समर्थन के बल पर बांग्लादेश लौटी थीं। उन्होंने कहा कि उस समय भी उनके खिलाफ षड्यंत्र और जानलेवा खतरे थे, लेकिन उन्होंने देश और लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रखा।
उन्होंने कहा कि उनकी वापसी किसी निश्चित तारीख पर निर्भर नहीं है, बल्कि देश में लोकतांत्रिक वातावरण, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक अधिकारों और कानून के शासन की बहाली पर निर्भर करती है। हसीना ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोग यह समझने लगे हैं कि अवामी लीग की लोकतांत्रिक सरकार को “षड्यंत्रपूर्वक” सत्ता से हटाया गया।
अवामी लीग पर संभावित प्रतिबंध के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का इतिहास संघर्षों से भरा है और पहले भी विभिन्न शासनकालों में उस पर प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन पार्टी कभी समाप्त नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अवामी लीग जनता के दिलों में बसती है और देश के हित में उसकी वापसी तय है।
पार्टी में संगठनात्मक सुधार को लेकर चल रही चर्चाओं पर शेख हसीना ने कहा कि सुधार और आत्ममंथन किसी भी लोकतांत्रिक दल की सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि अवामी लीग अपने आंतरिक लोकतांत्रिक ढांचे के तहत खुद को मजबूत करेगी और किसी बाहरी दबाव में निर्णय नहीं लेगी।

देश छोड़कर गए अवामी लीग नेताओं के संबंध में उन्होंने कहा कि अधिकांश नेताओं को राजनीतिक दमन, हिंसा और झूठे मामलों के कारण मजबूरी में देश छोड़ना पड़ा। उनके अनुसार, विदेशों में रह रहे नेता अब भी पार्टी के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय जनमत तैयार करने में सक्रिय हैं।
आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए शेख हसीना ने अपनी सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने पद्मा ब्रिज, मेट्रो रेल, रूपपुर परमाणु ऊर्जा परियोजना, मातरबाड़ी डीप सी पोर्ट और बंगबंधु सैटेलाइट जैसी परियोजनाओं को देश की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान अंतरिम सरकार ने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, विकास कार्यों को रोका और बैंकिंग व्यवस्था को कमजोर किया।

बांग्लादेश में बढ़ते खसरा संक्रमण और बच्चों की मौतों पर चिंता जताते हुए हसीना ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान टीकाकरण कार्यक्रम और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन की लापरवाही और टीकाकरण व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण स्थिति गंभीर हुई है।
कैद किए गए अवामी लीग नेताओं, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के मुद्दे पर उन्होंने न्यायपालिका के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी कानूनी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अधिकारों और रिहाई के लिए संघर्ष कर रही है।
विदेश नीति पर बोलते हुए शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग की नीति “सबके साथ मित्रता, किसी से वैर नहीं” रही है। उन्होंने भारत के साथ बांग्लादेश के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें वर्षों से भारत विरोधी भावनाओं का इस्तेमाल कर रही हैं। साथ ही उन्होंने उग्रवाद और आतंकवाद के दोबारा बढ़ने की आशंका भी जताई।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र, मानवाधिकार और कानून के शासन की रक्षा के लिए समर्थन जरूरी है। शेख हसीना ने विश्वास जताया कि अवामी लीग जनता के सहयोग से फिर सत्ता में लौटेगी और देश में लोकतंत्र तथा सुशासन की पुनर्स्थापना होगी।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा, “लोकतंत्र लौटेगा, सुशासन लौटेगा और बांग्लादेश एक बार फिर दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा होगा।”