- बी. आर. चौहान
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जीएमसीएच जम्मू के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील शर्मा ने एनजीओ “हम साथ साथ हैं” के सहयोग से अखनूर स्थित कामेश्वर मंदिर में हृदय जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अखनूर के विधायक मोहन लाल भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. सुशील शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते तनाव, असंतुलित खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी समस्याओं के कारण हृदय रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योग एक ऐसा समग्र और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है, जो न केवल रोगों की रोकथाम में सहायक है बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा भी प्रदान करता है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि योगासन, प्राणायाम, ध्यान और विश्राम तकनीकों के नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है, कोलेस्ट्रॉल स्तर में सुधार आता है तथा रक्त शर्करा और वजन को संतुलित रखने में मदद मिलती है। योग शरीर की प्राकृतिक संतुलन प्रणाली को सक्रिय कर हृदय स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक सजगता, भावनात्मक संतुलन और आत्म-जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। आज के व्यस्त जीवन में योग लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने का प्रभावी मार्ग प्रदान करता है।
शिविर में प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें हृदय रोगों के जोखिम कारकों और बचाव के उपायों के बारे में विशेषज्ञ सलाह दी गई। चिकित्सा एवं पैरामेडिकल टीमों ने लोगों को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि विधायक मोहन लाल भगत ने डॉ. सुशील शर्मा और उनकी टीम द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि योग स्वस्थ समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। एनजीओ “हम साथ साथ हैं” की प्रबंधन समिति के सदस्य मोनू वर्मा, विजय कुमार, भारती सिंह, सोनिया शर्मा, सोनाक्षी राजपूत, शुभम शर्मा एवं प्रगति महाजन ने डॉ. सुशील शर्मा और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।
इस सेवा अभियान में डॉ. भोला कुमार, डॉ. आदित्य शर्मा, डॉ. रितिका शर्मा तथा डॉ. अधिश्री बर्गोत्रा सहित अनेक चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वयंसेवकों ने सक्रिय योगदान दिया।