नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट में दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास का माहौल है। किदवई नगर ईस्ट सार्वजनीन पूजा समिति, किदवई नगर ईस्ट बांगिया समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में 16 से 21 अक्टूबर तक टाइप-V स्थित हनुमान मंदिर परिसर में सार्वजनीन श्रीश्री दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इस वर्ष आयोजन का छठा वर्ष है। इसकी खासियत यह है कि समिति का नेतृत्व क्षेत्र की महिला निवासी कर रही हैं, जो स्थानीय लोगों के सहयोग से इस पारंपरिक उत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
पूजा के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पुष्पांजलि, आरती, प्रसाद एवं भोग वितरण के साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी उत्सव को विशेष बना रही है। समिति का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ स्थानीय समुदाय के लोगों को एक मंच पर लाना और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देना है।
समिति की अध्यक्ष सुमना रॉय ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को एकजुट करने और अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर है। पिछले छह वर्षों से समिति इस आयोजन को निरंतर आगे बढ़ा रही है। स्थानीय निवासियों का सहयोग और उनकी सक्रिय भागीदारी हर वर्ष आयोजन को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देती है।
समिति की उपाध्यक्ष इंदिरा उपाध्याय ने कहा कि समिति का प्रयास है कि पूजा में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को उत्सव का हिस्सा महसूस करे। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।
समिति के महासचिव सुभाष चंद्र घोष ने कहा कि दुर्गा पूजा की सफलता में समिति के सदस्यों के साथ स्थानीय निवासियों का सहयोग भी अहम है। सभी मिलकर तैयारियों और कार्यक्रमों में योगदान देते हैं। परिवारों को एक साथ पूजा में शामिल होते और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते देखना सुखद अनुभव है। समिति का प्रयास है कि यह आयोजन हर वर्ष लोगों के लिए यादगार बने।
दिल्ली में पहली बार दुर्गा पूजा में शामिल हुए सौरव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां का माहौल और सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें बेहद पसंद आए। बड़ी संख्या में लोगों को मिल-जुलकर त्योहार मनाते देखना उनके लिए खास अनुभव रहा।
वहीं, पहली बार दिल्ली में दुर्गा पूजा देखने आईं रिया ने कहा कि पूजा के दौरान लोगों का उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामूहिक भागीदारी उन्हें बहुत अच्छी लगी। इस आयोजन के माध्यम से उन्हें दुर्गा पूजा की परंपराओं को करीब से जानने और समझने का अवसर मिला।
### दुर्गा पूजा के बाद भी होंगे धार्मिक आयोजन
समिति के अनुसार, दुर्गा पूजा के बाद भी वर्षभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी कार्यक्रमों में 25 अक्टूबर को श्रीश्री कोजागरी लक्ष्मी पूजा, 8 नवंबर 2026 को काली पूजा और 11 फरवरी 2027 को सरस्वती पूजा शामिल हैं।
समिति ने क्षेत्र के निवासियों, श्रद्धालुओं और बंगाली समुदाय के सदस्यों से 21 अक्टूबर तक चलने वाले दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल होने की अपील की है। महिला नेतृत्व, सामुदायिक सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं के समन्वय से आयोजित यह उत्सव किदवई नगर ईस्ट में सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का प्रयास है।