मॉस्को। पुतिन शिखर सम्मेलन को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को सूत्रों के हवाले से बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के नेता शी जिनपिंग के साथ बैठक का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक का मकसद चार साल से चल रहे यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने पर बात करना होगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्तावित समझौता मॉस्को के पक्ष में झुका होगा।
कब और कहां हो सकती है बैठक
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार क्रेमलिन ने यह त्रिपक्षीय बातचीत एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के मौके पर कराने का सुझाव दिया है। यह सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होना है।
अखबार ने एक पूर्व रूसी खुफिया अधिकारी का हवाला दिया, जिन्हें इस मामले की जानकारी बताई गई है। उनके अनुसार पुतिन ने यह सुझाव 9 अक्टूबर को ट्रंप के साथ हुई टेलीफोन बातचीत में दिया था। उसी बातचीत में दोनों देशों के बीच डीजल खरीद का समझौता भी हुआ था।
क्रेमलिन और अमेरिका की प्रतिक्रिया
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अखबार से बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बैठक के स्वरूप या उसके एजेंडे को लेकर अभी कोई स्पष्ट समझ नहीं बनी है, हालांकि तीनों पक्ष ऐसी बैठक की काल्पनिक संभावना को मानते हैं।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने अखबार से कहा कि ट्रंप ने ऐसे सम्मेलन के लिए हामी नहीं भरी है, लेकिन वह इस विचार को लेकर सकारात्मक हो सकते हैं। व्हाइट हाउस ने रॉयटर्स के अनुरोध पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। रूस और चीन के वॉशिंगटन स्थित दूतावासों की ओर से भी तत्काल जवाब नहीं मिला। क्रेमलिन से भी कार्यालय समय के बाद संपर्क नहीं हो सका।
डीजल सौदा और प्रतिबंधों में छूट
रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रंप और पुतिन के रिश्तों में गर्मजोशी दिख रही है। ट्रंप ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा की है। उन्होंने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मॉस्को पर लगे कुछ अहम प्रतिबंधों में छूट दी गई है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस डीजल सौदे और प्रतिबंधों में छूट की आलोचना की है। जेलेंस्की के अनुसार इससे पुतिन का हौसला बढ़ेगा और युद्ध लंबा खिंच सकता है।
आगे क्या
फिलहाल यह सब रिपोर्टों और अनाम सूत्रों के बयानों पर आधारित है। किसी भी पक्ष ने बैठक की तारीख या एजेंडे की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। पेस्कोव के बयान के मुताबिक तीनों पक्षों के बीच चर्चा चल रही है, पर बैठक होगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है।
यूक्रेन संघर्ष को चार साल से अधिक हो चुके हैं और इसे खत्म करने के लिए कई दौर की कूटनीतिक कोशिशें हो चुकी हैं। आने वाले हफ्तों में वॉशिंगटन, मॉस्को और बीजिंग की ओर से आने वाले बयानों से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। इस बीच यूक्रेन की सरकार अमेरिकी दूतों से संपर्क में बताई गई है। पृष्ठभूमि के लिए देखें हमारा संबंधित लेख: Trump-Putin: Your toolkit to help understand the story।
स्रोत: The Hindu। फोटो: Vitaly Gariev / Pexels