नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा आयात के लिए अधिकृत प्रवेश बिंदुओं का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। मंत्रालय के अनुसार दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और सौंदर्य प्रसाधनों के आयात के लिए अधिसूचित जगहों की मौजूदा सूची में 10 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी), एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) और एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जोड़ा जाना है।
क्या है प्रस्ताव
यह प्रस्ताव औषधि नियम, 1945 के नियम 43A में संशोधन के मसौदे का हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार इसका उद्देश्य आयात संचालन को आसान बनाना, देश के भीतर माल ढुलाई की दूरी घटाना और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े उत्पादों की आवाजाही बेहतर करना है।
नियम 43A में उन बंदरगाहों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सड़क मार्ग के पारगमन बिंदुओं और अन्य प्रवेश स्थलों का उल्लेख है, जिनके जरिये भारत में दवाएं आयात की जा सकती हैं।
कौन-कौन से स्थान शामिल
प्रस्तावित स्थानों में हरियाणा के आईसीडी सोनीपत, पियाला और हरसारू, उत्तर प्रदेश का आईसीडी दादरी और गुजरात का आईसीडी गांधीधाम/मुंद्रा शामिल हैं। इनके अलावा तेलंगाना के हैदराबाद में आईसीडी सनथनगर और थिम्मापुर तथा कर्नाटक के बेंगलुरु में आईसीडी व्हाइटफील्ड भी सूची में हैं।
मंत्रालय ने कर्नाटक के एसईजेड बोम्मासंद्रा को भी जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। हवाई मार्ग से दवाओं के आयात के लिए उत्तर प्रदेश के नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को शामिल करने की बात भी कही गई है।
प्रस्तावित नए स्थान मौजूदा अधिकृत आयात द्वार के नेटवर्क के पूरक होंगे। इस नेटवर्क में मध्य प्रदेश के इंदौर के धन्नड़ और तिही स्थित आईसीडी के साथ वे हवाई अड्डे शामिल हैं, जो दवा आयात के लिए पहले से अधिसूचित हैं।
आयातकों को क्या फायदा बताया गया
मंत्रालय के अनुसार नेटवर्क बढ़ने से आयातक अपनी खेप अपने विनिर्माण केंद्रों, गोदामों और वितरण केंद्रों के करीब ही क्लियर करा सकेंगे। इससे देश के भीतर परिवहन की जरूरत घटने, लॉजिस्टिक्स लागत कम होने और आयातित खेपों की आवाजाही में देरी कम होने की उम्मीद जताई गई है।
मंत्रालय के अनुसार यह कदम आयातकों की सुविधा बढ़ाने और दवाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा सौंदर्य प्रसाधनों की आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के इरादे से भी है।
आपत्तियां और सुझाव
मंत्रालय ने मसौदा संशोधन पर हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। ये अवर सचिव (औषधि विनियमन), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजे जा सकते हैं या drugsdiv-mohfw@gov.in पर ईमेल किए जा सकते हैं।
मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार के बाद ही संशोधन को आगे बढ़ाया जाएगा।
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स्रोत:The Hindu। फोटो: Towfiqu barbhuiya / Pexels