May 9, 2021

ईपीएफओ के फैसले के विरोध में कल देशव्यापी प्रदर्शन

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ईपीएफओ के फैसले के विरोध में कल देशव्यापी प्रदर्शन

 ईपीएफओ के अन्याय कारक पत्र दिनांक 20.03.2021 की प्रति जलाकर  किया जाएगा विरोध कार्यक्रम

एक तरफ मा. प्रधानमंत्री जी ने स्वयं, हम EPS 95 पेंशनर्स की उचित मांगों को मंजूर करने हेतु दिनांक 4.3.2020 को प्रत्यक्ष रूप से आश्वासन दिया है, उचित समाधान के लिए संबंधित मंत्री महोदय जी को निर्देश भी दिए है, मा.श्रममंत्री जी ने सभी आंदोलन वापिस लेने के लिए सलाह दी है व उसी सलाह के अनुसार केवल NAC के मुख्यालय  बुलढाणा (महाराष्ट्र )के पिछले 834 दिनों से जारी क्रमिक अनशन को छोड़कर सभी आंदोलन वापिस भी ले लिए गए है लेकिन वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा पेंशन धारकों पर अन्याय व अत्याचार करना निरंतर जारी है जैसे –

कि उनके ही (EPFO) परिपत्रक दिनांक 23.3.2017 के पत्र, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 4.10.2016 के आदेशानुसार हायर पेंशन देने के आदेश दिये गये है ,उस परिपत्रक को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना ही, पूर्वाग्रह मन से ईपीएफओ के दिनांक 20.03.2021 के आदेशानुसार अबेयंस में रख दिया गया है.

* मा.अटॉर्नी जनरल को सुप्रीम कोर्ट के पेंशन संबंधित प्रकरणों जो न्याय प्रविष्ट है उनके विषय में ईपीएफओ द्वारा सही सूचना न देना.

*Parliamentery Committee ऑन लेबर के समक्ष श्रम सचिव द्वारा सही तथ्य प्रस्तुतिकरण न करते हुए अनुचित मुद्दे प्रस्तुत करना इत्यादि.

उपरोक्त सभी मुद्दों का विचार करते हुए EPFO के अन्याय पूर्ण कृत्यों का देश व्यापी स्तर पर EPFO के सभी कार्यालयों में विरोध करते हुए सत्य क्या है? इसकी सही जानकारी व पेंशनर्श की भावनायें  मा.प्रधानमंत्री जी /मा.मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाई जा सके, इसीलिए यह विरोध कार्यक्रम देश के वृद्ध  EPS 95 पेंशनरों  द्वारा किये जा रहे हैं.

ज्ञातव्य हो कि कोरोना महामारी के चलते शासन/प्रशासन के सभी नियमों को ध्यान में रखकर पेंशन धारक  इस “विरोध कार्यक्रम” में भाग लेंगे.

इस विरोध दिवस, दिनांक 06.04.2021 के कार्यक्रम में EPFO के तथाकथित पत्र दिनांक 20.03.2021 की प्रति जलाई जाएगी व मा. प्रधानमंत्री जी के नाम का ज्ञापन संबंधित EPFO कार्यालयों में दिये जाएगे.

हमारी मांगें इस प्रकार हैं: –

  1. न्यूनतम मासिक पेंशन रु .7500 व उस पर मंहगाई भत्ता दिया जाए.
  2. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की दिनांक 31 मई 2017 की Interim Advisory को वापिस लिया जाए व EPS 95 पेंशनरों को मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार उच्च पेंशन का विकल्प दिया जाए.

3.सभी ईपीएस 95 पेंशनरों और उनके जीवन साथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए.

4.ईपीएस 95 सेवानिवृत्त कर्मचारी जो ईपीएस 95 योजना के सदस्य नहीं हैं, उन्हें ब्याज के साथ योगदान की वसूली करके और उन्हें उचित बकाया राशि की अनुमति देकर पूर्व पोस्ट सदस्यता की अनुमति दी जानी चाहिए अन्यथा उन्हें पेंशन के लिए रु. 5000 / – प्रति माह निर्धारित किया जा सकता है.

Pulkit Chaturvedi
Senior journalist with over 13 years of experience covering various fields of Journalism.

Keen interests in politics, sports, music and bollywood.

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