May 9, 2021

मेडिबडी ने सेहत पर लाइफस्टाइल की पसंद के असर के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए #बच्चों से सीखो एक पहल लॉन्च की

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दिल्ली, 6 अप्रैल, 2021 : इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर भारत के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म, मेडिबडी, ने एक पहल #बच्चों से सीखो लॉन्च की है। इसमें लोगों से वह सब चीजें भूलने के लिए कहा गया है, जो उन्होंने वयस्क के तौर पर सीखी है और सेहत के लिए गुणकारी और अच्छी बातों को बच्चों से नए सिरे से सीखने के लिए कहा गया है। वयस्क के तौर पर हम बदलते माहौल में ढल गए हैं, लेकिन बदलते वातावरण में ढलने का खामियाजा लोगों को उनकी सेहत को हो रहे नुकसान के तौर पर उठाना पड़ रहा है।

इसमें कोई शक नहीं है कि कोरोना वायरस मानवता को चुनौती देने वाले सबसे जटिल वायरस में से एक है। मेडिबडी के ऐप में ऑनलाइन विचार-विमर्श से संबंधित आंकड़े यह संकेत देते हैं कि हरेक 5 नौजवानों में से एक युवक शारीरिक और मानसिक दोनों लिहाज से जीवनशैली में गड़बड़ी की समस्याओं से जूझ रहा है। हर 10 में से एक महिला पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) और पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित है। आंकड़ों में यह दिखाया गया है कि कोरोना का प्रकोप फैलने के बाद मेडिबडी में वजन पर नियंत्रण रखने से संबंधित पूछताछ में 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसमें से 21 फीसदी लोगों ने मोटापा कम करने के तरीकों को को लेकर पूछताछ की। इस प्लेटफॉर्म पर लोगों के हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से संबंधित सवाल पूछने में भी काफी बढ़ोतरी हुई।

डिजिटल कैंपेन में बच्चों और वयस्कों की जीवनशैली में समानताओं और विभिन्नताओं पर प्रकाश डाला गया। इसमें इस तथ्य के महत्व को उभारकर यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि एक वयस्क के तौर पर हमने किस जीवनशैली को अपनाया है, जो हमारे बेहतर रहन-सहन और अच्छे स्वास्थ्य की राह में बाधक है। इस अभियान का उद्देश्य वयस्कों को सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली जीवनशैली को छोड़ने और स्वास्थ्य वर्धक और अच्छे रहन-सहन को बढ़ावा देने वाली
जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने के इर्द-गिर्द घूमता है।

मेडिबडी के संस्थापक और सीईओ सतीश कन्नन ने इस पहल के पीछे के विचार की बुनियाद पर टिप्पणी करते हुए कहा, “स्वास्थ्य रक्षा के प्रति समर्पित ब्रैंड के तौर पर हमारा विश्वास है कि देश में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य रक्षा की प्रगति के लिए हम अभी भी बहुत कुछ कर सकते है। जीवनशैली में गड़बड़ी सेहत संबंधी एक गंभीर समस्या है, जिसे बहुत अधिक अहमियत दी जानी चाहिए। अपने आंकड़ों के माध्यम से हम लोगों को उन चुनौतियों के प्रति आगाह करना चाहते हैं, जो हमारी अच्छी सेहत के रास्ते में बाधा खड़ी कर सकती है। हमारा उद्देश्य सभी लोगों को बेहतर और सेहतमंद जीवनशैली अपनाने के लिए मदद करना है।“

मेडिबडी में मेडिकल ऑपरेशन की हेड डॉ. गौरी कुलकर्णी ने कहा, “हालांकि अब बीमारियों के प्रभावी इलाज में काफी प्रगति हुई है, लेकिन पुरानी बीमारियां बढ़ती जा रही है। अब ऐसे लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, जिन्हें जीवनशैली संबंधी गड़बड़ियों की वजह से अपनी सेहत से समझौता करना पड़ा है। वह डायबिटीज, हाईब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं। इन बीमारियों को बढ़ावा देने में हमारी खराब जीवनशैली बहुत बड़ा योगदान दे रही है, जिसमें खान-पान की खराब आदतें, सुस्त लाइफस्टाइल, नींद पूरा न होना और लंबे समय से तनाव में रहना है। बच्चों के तौर पर हम सभी बेहतर चीजें सीखते हैं जैसे समय पर खाना, समय पर सोना, बाहर खेलने के लिए जाना। लेकिन जैसे-जैसे हम वयस्क या बड़े होते हैं, तेज रफ्तार जिंदगी के कारण हमारी पसंद बदलती जाती है। अपने चारों और हो रही चहलपहल से हमारी आदतें बदल जाती है। अपने काम को समय पर पूरा करने के चक्कर में हम अपनी पारिवारिक जिंदगी और व्यक्तिगत जिंदगी को काफी पीछे छोड़ते जा रहे हैं। इसी चक्कर में हमारी सेहत भी खराब होती जा रही है।

सुस्त जीवनशैली, सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले भोजन, अनियमित नींद या नींद पूरी न लेने और बढ़ते तनाव ने वयस्कों में कई स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मुद्दों या बीमारियों को जन्म है। मेडिबडी ने सोचने के लिए प्रेरित करने वाला कॉन्सेप्ट बच्चों से सीखो लॉन्च किया है। बच्चों के लाइफस्टाइल से तुलना कर वयस्क अपनी जीवनशैली की समीक्षा कर सकते हैं और उनमें सुधार ला सकते हैं। बच्चों के तौर पर हम बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली सभी अच्छी आदतें सीखी है। क्या अब वह समय आ गया है, जब हम वयस्कों के तौर पर अपने जीवनशैली में आए बदलाव को छोड़कर उस दिशा में वापस जाएं, जो कुछ हमने बचपन में सीखा है?

एक ब्रैंड के तौर पर मेडिबडी स्वास्थ्य और सेहत को प्राथमिकता देता है। मेडिबडी ने लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य रक्षा के समाधान सुझाए हैं। ये सुविधाएं या समाधान लोग सातों दिन 24 घंटे अपने घर पर आराम से रहते हुए हासिल कर सकते हैं। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोग डॉक्टरों से अपनी अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, लैब में टेस्ट करा सकते हैं, दवाइयों की अपने घर पर डिलिवरी हासिल कर सकते हैं और कई अन्य काम भी कर सकते हैं।

 

Pulkit Chaturvedi
Senior journalist with over 13 years of experience covering various fields of Journalism.

Keen interests in politics, sports, music and bollywood.

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