मध्य प्रदेश में एक मामा ही, महान स्वतंत्रता सेनानी टंटया मामा, मैं उन्हें ही जानता हूं – नेशनल कॉर्डिनेटर श्री आकाश आनंद 

0

 

# विश्व जनाब दिवस पर देश और प्रदेश में तानाशाही पर हो रहे अत्याचारी को लेकर स्मारक म.प्र. यूनिट ने महामहिम गवर्नर को निर्देशित करते हुए पैदल मार्च निकाला

 

09 अगस्त, 2023 

 

यह पैदल मार्च भोपाल के डॉ. अम्बेडकर जयंती मैदान से प्रातः 11 बजे विश्व जनजातीय दिवस के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी म.प्र. द्वारा प्रस्थान किया गया। यूनिट ने भाजपा सरकार में जनता दल, दलित और पिछड़ा वर्ग के खिलाफ हो रहे अन्याय, अत्याचार और लोकतंत्र मुद्दो को हल न करने के विरोध में एक पैदल यात्रा मार्च निकाला और महामहिम राज्यपाल के समक्ष आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। और ऑर्डर हल करने की पेशकश की गई। 

 

इस पैदल मार्च में बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनंद जी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं केन्द्रीय संयोजक श्री इंजी. रामजी गौतम जी एवं आश्रम प्रदेश अध्यक्ष श्री इंजी. इस कार्यक्रम के दौरान रमाकान्त पिप्पल जी के नेतृत्व में संयोजक मंडल के केन्द्रीय समन्वयक श्री मुकेश अहिरवार जी, केन्द्रीय संयोजक श्री मुकेश अहिरवार जी सहित प्रदेश के प्रभारीगण राकेश डावर, सुनील बडग़ाल, जियालाल अहिरवार, बालकिशन अहिरवार सहित जोन प्रभारीगण, जिला प्रभारीगण, जिला समिति, क्षेत्रीय समिति शामिल थे। नगर समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायकगण सहित अन्य सामुहिक मठ शामिल हुए। 

 

इस एक पैदल यात्रा और धार्मिक यात्रा कार्यक्रम के दौरान नेशनल कोर्डिनेटर श्री आकाश आनंद जी ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुयायी न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम है, बल्कि एक सामाजिक दीक्षांत समारोह भी है, जो समाज के पांच अनुयायियों की रक्षा करता है।” के लिए एक साझा आवाज़ उठाना का भी प्रतीक है जो उनके विकास और समृद्धि के मार्ग में महत्वपूर्ण है।” “उन्होनें कहा कि महामहिम गवर्नर को मंजूरी सौपते राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए कदम उठाने और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।”

 

 श्री आकाश आनंद जी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद को जनता का मामा कहते हैं। लेकिन मैं ये साफ कर दूं कि एम.पी.आर. एक ही मामा है उनका नाम टंटया मामा हैं मैं तो उनको का नाम जानता हूँ। म.प्र. के लोगो को यह भी पता है कि आजादी की लड़ाई में ब्रिटेन को नाकों पर चने चबाने वाले रॉबिन हूड महान स्वतंत्रता सैनानी टंटया भील शामिल है जिसमें सभी प्यार से टंटया गागा कहते हैं यही म.प्र. के और हमारा रियल मामा है। 

 

प्रदेश में आदिवासियों और दलित समाज के साथ पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यक समुदाय के साथ जो भेदभाव और अत्याचार की हर दिन जिस तरह की खबरें सामने आती हैं। टंटया मामा का बलिदान आज उन्हें देखकर टंटया मामा भी दुखी होगे। प्रदेश में मछुआरों की सरकार बनेगी तो हम टेंट्या मामा सहायता कोषागार जाएंगे और हर गरीब, शोषित, ईसाई बच्चों को शिक्षा और जरूरी मदद करेंगे। मैं मध्य प्रदेश के लोगों से निवेदन करुगा कि निर्वाचक नामावली से सावधान रहें। 

 

सासंद संग्रहालय और सेंट्रल कोर्डिनेटर आश्रम श्री इंजी. रामजी गौतम ने कहा, “इस प्रदर्शन के माध्यम से मशाल ने सामाजिक समरसता, न्याय और समाज में शिक्षक विकास के लिए अपने संकल्प को पुनः आरंभ किया है। यह पैदल मार्च माध्यम से युवा, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए एक उत्कृष्ट माध्यम है। अधिकारो की प्राप्ति के लिए संघर्ष करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्राप्त हुआ है।” 

 

म.प्र. के अम्पायर प्रदेश अध्यक्ष श्री आई.जी. रमाकांत पिप्पल ने कहा, “हाल ही के दिनों में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जैसे कि राष्ट्रीय राजधानी, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों पर अन्याय और अत्याचार का चित्रण होता है। विश्व जदयू दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार में जदयू, दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों की प्रतिकृति है।” हो रहे हैं अन्याय के खिलाफ इस पदयात्रा के माध्यम से समाज जागरूकता और समर्थन का प्रयास है। वह आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सामूहिक मंच प्रदान कर रहे हैं।”

 

वसीयतकर्ता सी. एल. गौतम ने कहा, ”मप्र सरकार ने 27 प्रतिशत नॉच वाले की वाजिव मांग आज तक पूरी तरह से नहीं की है और बेरोजगारी में बेताशा वृद्धी हुई है। उसी सरकार में एक गुट सामने आ रहा है कि इसके बाबजूद पर कोई दावा नहीं हुआ है।” रावे ने कहा कि अगर उनके खिलाफ मांगो पर आगे कोई कार्रवाई नहीं होती तो फिर राज्य सरकार के बड़ा प्रस्ताव छेड़ा जाएगा।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *