नागरिक गर्व और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने अपने अधिकार क्षेत्र में “गहन स्वच्छता अभियान” शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य नई दिल्ली को स्वच्छ, हरित और धूल-मुक्त बनाना है।
अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए NDMC के अध्यक्ष केशव चंद्र ने विभिन्न विभागों के 14 विभागाध्यक्षों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जिन्हें अलग-अलग स्वच्छता सर्कलों की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी क्षेत्र में चल रही गतिविधियों की निगरानी, कर्मचारियों की तैनाती, सफाई कार्यों का समन्वय तथा दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करेंगे।


अध्यक्ष केशव चंद्र स्वयं प्रतिदिन एक स्वच्छता जोन का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी सुधारों के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन (MTA) के साथ लगातार संपर्क में रहें तथा अपने क्षेत्रों में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर्स (MRS) के संचालन का कार्यक्रम साझा करें।
NDMC क्षेत्र में सूखी पत्तियों का संग्रहण स्वच्छता टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती है। मुख्य सड़कों, फुटपाथों, बाजारों, ग्रीन बेल्ट और आवासीय क्षेत्रों से एकत्र की गई सूखी पत्तियों को इकट्ठा कर कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया में भेजा जाता है, जिसे बाद में बागवानी के लिए उपयोग में लाया जाता है।
सड़कों पर धूल और गिरी पत्तियों की सफाई के लिए चार मैकेनाइज्ड रोड स्वीपर्स दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं, जिनका संचालन रात के समय भी किया जाता है। ये मशीनें हर महीने औसतन 7,338 किलोमीटर सड़कों की सफाई करती हैं और इनकी निगरानी पालिका केंद्र स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से 24 घंटे की जाती है।
धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए NDMC ने सड़कों पर आठ मोबाइल एंटी-स्मॉग गन तथा पं. पंत मार्ग पर एक स्थिर एंटी-स्मॉग गन तैनात की है। इसके अलावा कई ऊँची इमारतों और निर्माण स्थलों पर भी एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं। साथ ही 20 पानी के टैंकरों के माध्यम से सड़कों, पेड़ों और झाड़ियों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त उपचारित जल का उपयोग किया जा रहा है।
निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरे के निपटान के लिए इसे प्रतिदिन एकत्र कर ओखला स्थित C&D वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट भेजा जाता है, जहां प्रतिदिन लगभग 39.30 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाता है।
इसके अतिरिक्त बाजारों, कॉरिडोर और सड़कों की सफाई के लिए 16 हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनें, 150 ब्रश, 150 वाइपर और 27 वेट मॉपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। धूल नियंत्रण के लिए लोधी रोड, शांति पथ और अफ्रीका एवेन्यू पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं, जबकि विभिन्न पार्कों और राउंडअबाउट पर 96 फव्वारे लगाए गए हैं।
NDMC ने इस अभियान के माध्यम से शहरी स्वच्छता में सुधार, धूल प्रदूषण को कम करने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। परिषद ने नागरिकों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है, ताकि मिलकर स्वच्छ, हरित और स्वस्थ नई दिल्ली का निर्माण किया जा सके।