प्रवीण आर्य
साहिबाबाद। आर्य समाज लाजपत नगर साहिबाबाद का 37वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव कृष्ण कुमार यादव की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. विष्णुदत्त आर्य के ब्रह्मत्व में वैदिक यज्ञ से हुआ, जिसमें आचार्य सुनील शास्त्री ने वेदपाठ किया। यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती अमिता आर्या, देवेन्द्र आर्य, अल्का माहेश्वरी, राजीव माहेश्वरी, सविता सिंह, मनोज सिंह, कामिनी आर्या एवं ललित आर्य सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी यजमानों के सुख, समृद्धि एवं सफल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम में मेरठ से पधारे सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक पंडित अजय आर्य एवं उनके साथी कलाकारों ने भक्ति संगीत के माध्यम से ईश्वर भक्ति एवं महर्षि दयानंद सरस्वती के यश का गुणगान किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।


मुख्य अतिथि ठाकुर विक्रम सिंह (संस्थापक अध्यक्ष, राष्ट्र निर्माण पार्टी) ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “स्वर्ग और नरक इसी धरती पर हैं। यज्ञ का यह दिव्य वातावरण स्वर्ग के समान है, जिसे हमें अपने घरों में भी स्थापित करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में यज्ञ परंपरा के कारण देश समृद्ध था और आज भी वैदिक परंपराओं को अपनाकर वही स्थिति प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने पाखंड से बचने और सत्य, विनम्रता व तेजस्विता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जिला आर्य सभा के मंत्री सत्यवीर चौधरी ने कहा कि आर्य समाज सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने महर्षि दयानंद के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि वेदों से विमुख होने के कारण समाज में विभाजन उत्पन्न हुआ, जिसे दूर करने के लिए वैदिक मार्ग पर लौटना आवश्यक है। उन्होंने हिंदी को राष्ट्र को एक सूत्र में जोड़ने वाली भाषा बताया। मुख्य वक्ता डॉ. देव शर्मा ने “शांति कैसे प्राप्त करें” विषय पर अपने विचार रखते हुए बताया कि प्रतिदिन ओम् का जप करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने वैदिक संध्या की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।


सेवा सदन के मंत्री मंगल सिंह ने “मिशन 125 स्वास्थ्य” पर चर्चा करते हुए कहा कि सांस, पानी और भोजन में सुधार लाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। समारोह में डॉ. वीरेन्द्र सिंह (एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट), ओमपाल शास्त्री, नरेन्द्र पांचाल सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद सक्सैना, सतीश आर्य, मास्टर विजेंद्र, प्रवीण चंद गुप्ता, सुरेश आर्य, प्रमोद चौधरी, सविता तेवतिया, कविता राठी, कुसुम लता, आशा मालिक, सुमन चौहान, लक्ष्मण सिंह चौहान एवं सुभाष शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जगवीर सिंह ने किया तथा अंत में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया। शांतिपाठ एवं ऋषि लंगर के साथ समारोह का समापन हुआ।