जंतर-मंतर पर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की ओर से एक जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें महिला आरक्षण बिल में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से सभी वर्गों की महिलाओं के साथ न्याय करने की अपील की।
इस अवसर पर ओबीसी कांग्रेस के चेयरमैन अनिल जयहिंद, एससी/एसटी कांग्रेस के चेयरमैन राजेंद्र गौतम तथा अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा ने संयुक्त रूप से कहा कि महिला आरक्षण बिल तभी सार्थक होगा जब उसमें समाज के हर वर्ग की महिलाओं को समान और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण में उचित हिस्सेदारी देना सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम है।

श्रीमती अलका लांबा ने अपने संबोधन में कहा कि महिला कांग्रेस हमेशा महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने महिलाओं से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। वहीं जिला कृष्णा नगर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुनीता धवन के साथ ब्लॉक अध्यक्ष निर्मल सिंह, सुनीता खन्ना, मीनाक्षी रस्तोगी, गीता, इंदु बाला, रेखा झा, ममता लोहारे सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहीं।
इसके अलावा महिला कांग्रेस की महासचिव पिंकी साहनी, पुष्पा रानी, सहसचिव ममता शर्मा, जिला कृष्णा नगर महिला कांग्रेस की महासचिव शिखा बेदी सहित सैकड़ों महिलाओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर महिला अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एकजुट होकर सरकार से मांग की कि महिला आरक्षण बिल में सभी वर्गों की महिलाओं के लिए समान अवसर और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए, ताकि देश में वास्तविक सामाजिक और लैंगिक न्याय स्थापित हो सके।