- प्रवींद आर्य
गाजियाबाद। हॉलिस्टिक जीवन धारा फाउंडेशन द्वारा सेकेंड-सी/102, नेहरू नगर में क्लींजिंग थेरेपी के प्रणेता डॉ. पीयूष सक्सेना (पीएचडी, नेचुरोपैथी, अमेरिका) के सम्मान में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता योग मर्मज्ञ देवेन्द्र हितकारी ने की, जबकि संचालन एवं संयोजन डॉ. यशपाल गुप्ता (विशेषज्ञ क्लींजिंग थेरेपी एवं कोऑर्डिनेटर उत्तर भारत) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ ओ३म् की ध्वनि एवं गायत्री मंत्र के साथ हुआ। समारोह में उपस्थित गणमान्य समाजसेवियों एवं चिकित्सकों ने डॉ. पीयूष सक्सेना का शॉल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ एवं मालाओं से स्वागत किया।
डॉ. यशपाल गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आरएमपी की देखरेख में क्लींजिंग थेरेपी की प्रैक्टिस को स्वीकृति मिलने के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि क्लींजिंग थेरेपी एक ऐसी प्राकृतिक विधा है, जिसके माध्यम से शरीर की आंतरिक सफाई कर विभिन्न रोगों से बचाव एवं स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
अपने संबोधन में डॉ. पीयूष सक्सेना ने कहा कि उन्होंने क्लींजिंग थेरेपी की विभिन्न विधियों एवं नुस्खों को स्वयं तथा अपने परिवार पर प्रयोग कर उनके सकारात्मक परिणामों को परखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी प्रकार की फीस, डोनेशन या व्यावसायिक उत्पादों का प्रचार नहीं करते, बल्कि जनहित एवं आत्मसंतुष्टि को ही अपना प्रमुख उद्देश्य मानते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने शरीर के आंतरिक अंगों की नियमित सफाई रखे तो अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है। इससे शरीर की ऊर्जा क्षमता बढ़ती है, नींद बेहतर होती है तथा कई शारीरिक समस्याओं में लाभ मिलता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
देवेन्द्र हितकारी ने कहा कि डॉ. पीयूष सक्सेना के मार्गदर्शन में नेचुरोपैथी एवं क्लींजिंग थेरेपी के शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बिना दवा के प्राकृतिक तरीकों से शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रक्रिया बताई जाती है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से दवाइयों पर निर्भरता कम हो सकती है और स्वस्थ जीवनशैली विकसित होती है।
डॉ. बी.के. हनुमान ने घोषणा की कि शीघ्र ही हिन्दी भवन में डॉ. पीयूष सक्सेना के सान्निध्य में क्लींजिंग थेरेपी पर एक निःशुल्क सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर दिनेश बग्गा, डॉ. वी.के. अग्रवाल, रामजी लाल, अनिल अग्रवाल सांवरिया, डॉ. रुखसाना प्रवीन सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ. प्रमोद सक्सेना, त्रिलोक शास्त्री, प्रवीण आर्य, डॉ. राजन आदर्श, सीए शिव सिंघल, अवनीश गर्ग एवं डॉ. पी.के. वर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में शांति पाठ एवं प्रीतिभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।