पत्रकारिता समाज में विश्वास की नींव रखती है : मुख्तार अब्बास नकवी
मीडिया के सामने बढ़ती चुनौतियों का समाधान समय की मांग : विजेंद्र गुप्ता
नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर वेबवार्ता राष्ट्रीय समाचार एजेंसी एवं हिंदी दैनिक के तत्वावधान में कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी चेयरमैन हॉल में भव्य वैचारिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए पत्रकारों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।


मुख्य अतिथि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सशक्त सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से जूझ रही है और इनके समाधान के लिए गंभीर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने चिंता जताई कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में कई बार तथ्यात्मक और जनहित की खबरें पीछे छूट जाती हैं।

विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हिंदी पत्रकारिता को देश की गौरवशाली विरासत बताते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज में विश्वास और विश्वसनीयता का वातावरण तैयार करती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
भाजपा प्रवक्ता विजय शंकर सोनकर शास्त्री ने हिंदी की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी से जुड़ी समितियों का कार्य भी कई बार अंग्रेजी में संचालित होता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उत्तराखंड के पूर्व मंत्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती के प्रमुख स्तंभ हैं। वहीं दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि ने पत्रकारों की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. चंद्रकांता ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र और समाज के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन बाज़ारवाद के बढ़ते प्रभाव से उसकी मूल भूमिका प्रभावित हो रही है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

संगोष्ठी की अध्यक्षता ग्राफिक्स एड के मुख्य प्रबंध निदेशक मुकेश गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि केवल मोबाइल आधारित पत्रकारिता की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर पत्रकारिता के लिए चुनौती बन रही है। वक्ता विनय कुमार सिंह ने भारत को विश्व को शांति और बुद्ध का संदेश देने वाला देश बताया।
वेबवार्ता के संपादक सईद अहमद ने पत्रकारों की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए सरकार से पत्रकार हितों के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने वेबवार्ता की दीर्घकालिक सेवाओं का उल्लेख करते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन अली आदिल खान एवं सादिया अलीम ने किया। इस अवसर पर डी.सी. कपिल, शकील सैफी, जावेद रहमानी, इरफान शेख और अनवार अहमद नूर सहित अनेक वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विचार रखे।
समारोह के अंत में पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को वेबवार्ता की ओर से सम्मानित किया गया, जिनमें आमिर रिज़वी, संजय शर्मा, अनवार अहमद नूर, रेनू जोशी, डॉ. इंदिरा मिश्रा, शिवानी जलोटा, शमशाद मसूदी, बिलाल अहमद, रानी खान और इमरान कलीम सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।