नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यमुना परिवार काउंसिल एवं कालकाजी पीपुल्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क, नेहरू प्लेस, कालकाजी में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से कालकाजी क्षेत्र से बड़ी संख्या में यमुना साधकों, योगाचार्यों, समाजसेवियों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगाभ्यास किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता यमुना परिवार काउंसिल के निदेशक श्री कपिल गर्ग ने की। उन्होंने उपस्थित सभी योग साधकों एवं नागरिकों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, उसी प्रकार हमें पर्यावरण संरक्षण और माँ यमुना की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। योग और पर्यावरण संरक्षण मानव कल्याण के दो महत्वपूर्ण आधार हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिए गए संदेश का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के निरंतर प्रयासों के कारण योग आज वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान बन चुका है और विश्वभर में करोड़ों लोग स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपना रहे हैं। इस वर्ष का योग दिवस स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और सामूहिक कल्याण के संदेश को समर्पित रहा।
कार्यक्रम में योगाचार्य श्री मुकेश सोलंकी एवं कवि दास प्रेम ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। वहीं बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित लोगों को नियमित योग करने तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती कंचन गर्ग ने कहा कि योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नियमित योग के माध्यम से हम स्वयं को निरोग रख सकते हैं तथा एक स्वस्थ, जागरूक और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी यमुना साधकों एवं नागरिकों ने माँ यमुना के संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम स्थल पर “माँ यमुना की जय”, “स्वस्थ भारत – सशक्त भारत” एवं “योगमय जीवन – निरोग जीवन” के उद्घोषों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों ने जलपान किया तथा नियमित योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।