दृष्टिबाधित लोगों के लिए शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे छात्र-नेतृत्व वाले अभियान को वरिष्ठ राजनेता एवं पांच बार सांसद रह चुके जय प्रकाश अग्रवाल का समर्थन मिला है।
अग्रवाल ने अभियान के किशोर संस्थापक अद्विक बंसल से मुलाकात की। करीब एक वर्ष से चल रहे संवाद के बाद हुई इस मुलाकात में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और वित्तीय सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अग्रवाल ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं और अधिकारों की मांग करने वाली याचिका का समर्थन किया, जिस पर अब तक 5,400 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।
अग्रवाल ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कार्य कर रहे विद्यालयों तथा सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे धन संग्रह अभियान को बढ़ावा देने में सहयोग का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अग्रवाल ने अद्विक बंसल को ‘युवा गांधी सेवा सम्मान’ प्रदान कर दृष्टिबाधित लोगों की सुगम शिक्षा और वित्तीय ज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित किया।
अद्विक बंसल के नेतृत्व में तैयार किए गए सुलभ वित्तीय एवं अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में 26 मॉड्यूल के अंतर्गत 263 पाठ शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम एशिया के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए नौ विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है और छह देशों के 87 स्वयंसेवक इससे जुड़े हैं।
अद्विक बंसल ने कहा, “सुगम्यता किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं है। सीखने, समाज में भाग लेने और सम्मान के साथ स्वतंत्र जीवन जीने का अवसर हर व्यक्ति को मिलना चाहिए।”
जय प्रकाश अग्रवाल का समर्थन इस अभियान को व्यापक सार्वजनिक पहचान देने के साथ-साथ दृष्टिबाधित लोगों के लिए शिक्षा और वित्तीय सेवाओं को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।