- मनोज शर्मा
आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा के युवा संगठन आर्य युवा समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर व्यक्त चिंता का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है। संगठन ने शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से युवाओं को नशे से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यवहार और जीवन में आने वाले परिवर्तनों पर भी सतर्क नजर रखना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने पर बल दिया।
इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, नैतिक शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है।
योगी सूरी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस गंभीर विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना सराहनीय कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि शिक्षक, अभिभावक और सामाजिक संगठन मिलकर प्रयास करें तो देश में नशा-मुक्त और स्वस्थ युवा पीढ़ी का निर्माण संभव है।
उन्होंने बताया कि आर्य युवा समाज अपने ‘नो नशा नेशन’ अभियान के माध्यम से देशभर में युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहा है। अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, जनसंपर्क अभियान और सामूहिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
योगी सूरी ने बताया कि संगठन विभिन्न विद्यालयों में 101 कुंडीय हवन कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रहा है, जिसके माध्यम से छात्रों और युवाओं में नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच तथा नशा-मुक्त जीवन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्य युवा समाज जमीनी स्तर पर अपने प्रयासों को और अधिक तेज करेगा ताकि देश के युवाओं को नशे की बुराई से बचाकर राष्ट्र निर्माण में उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जा सके।