मदर टेरेसा की पुण्यतिथि के अवसर पर दुनिया के चर्चित प्रचारक डॉ. के. ए. पॉल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच शांति, धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने की अपील की है।
इस दौरान डॉ. पॉल ने मदर टेरेसा के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया और उनके जीवन से जुड़े प्रेम, विनम्रता, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, विश्वसनीयता और सादगी जैसे मूल्यों का उल्लेख किया।
डॉ. पॉल ने कहा कि वे मदर टेरेसा को करीब 10 वर्षों से व्यक्तिगत रूप से जानते थे और उन्हें एक असाधारण मानवतावादी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मदर टेरेसा की विरासत से प्रेरित होकर उन्होंने कई देशों में लोगों को सेवा और मानवता के लिए काम करने हेतु प्रशिक्षित किया है।
मोहन भागवत के लंदन में होने का उल्लेख करते हुए डॉ. पॉल ने 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में धार्मिक सद्भाव को लेकर दिए गए उनके वक्तव्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे भागवत के उस संदेश का स्वागत करते हैं, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों से एक-दूसरे का सम्मान करने और शांतिपूर्ण तरीके से साथ रहने की बात कही गई थी।
डॉ. पॉल ने अपने संदेश में कहा, “जब आप भारत वापस जाएं, तो अपने लाखों अनुयायियों से कहें कि हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिख, जैन और यहूदी सभी शांति के साथ रहें।”
उन्होंने धार्मिक और राजनीतिक नेताओं से ऐसा वातावरण बनाने की अपील की, जहां प्रत्येक व्यक्ति बिना किसी डर या भेदभाव के अपने धर्म का पालन कर सके। अपने शांति प्रयासों का उल्लेख करते हुए डॉ. पॉल ने कहा कि विभिन्न धर्मों के नेताओं को एक साथ लाने के उनके अनुभव ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में उनके विश्वास को और मजबूत किया है।
डॉ. पॉल ने मदर टेरेसा के उस संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने हर व्यक्ति की सेवा और उससे प्रेम करने पर जोर दिया था। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से करुणा, सहानुभूति और मानवता के इन सिद्धांतों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “एक अच्छे हिंदू बनें, एक अच्छे मुस्लिम बनें, एक अच्छे ईसाई बनें।” उन्होंने समुदायों के बीच अधिक सहिष्णुता, समझ और आपसी सम्मान की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
डॉ. पॉल ने ईसाई, सिख और मुस्लिम संस्थानों तथा उनकी संपत्तियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मोहन भागवत से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि ईसाई और मुस्लिम समुदाय के लोग शांतिपूर्वक रह सकें। उन्होंने फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) से जुड़े मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अपने संदेश के अंत में डॉ. पॉल ने लोगों से उनकी इस अपील को अधिक से अधिक साझा करने और मदर टेरेसा के प्रेम एवं सेवा के संदेश पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “मदर टेरेसा से सीखें। सभी से प्रेम करें। अपने दुश्मनों से भी प्रेम करें।”