जयपुर। एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही उड़ान AI2030 को बुधवार, 14 अक्टूबर को हाईजैक अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार विमान ने जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपात लैंडिंग की और उसे जांच के लिए आइसोलेशन बे में ले जाया गया। बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और चालक दल को क्लीयरेंस दे दी।
क्या हुआ था
पीटीआई के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक पायलट ने मुंबई फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में उड़ान के दौरान ‘स्क्वॉक कोड 7500’ ट्रांसमिट किया था। यह कोड विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप, जैसे अपहरण की आशंका, का अंतरराष्ट्रीय संकेत माना जाता है। इसी के बाद विमान को जयपुर की ओर मोड़ दिया गया।
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि विमान सुबह करीब 9.35 बजे उतरा और दस मिनट के भीतर उसे जांच के लिए आइसोलेशन बे में ले जाया गया। रिपोर्ट के अनुसार बोइंग 787-9 विमान में 293 यात्री और चालक दल के 13 सदस्य सवार थे। अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि जांच में यह अलर्ट झूठा पाया गया।
यात्रियों की जांच और दोबारा बोर्डिंग
मालवीय नगर के सहायक पुलिस आयुक्त शिव दयाल ने पीटीआई को बताया कि हवाई अड्डा प्रशासन ने खतरे की सूचना मिलने के बाद आपात लैंडिंग की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुरक्षाकर्मियों ने आइसोलेशन बे में विमान की बारीकी से जांच की।
जांच पूरी होने के बाद यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल भवन ले जाया गया। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि बाद में उसी विमान से दिल्ली रवाना होने के लिए यात्रियों की बोर्डिंग शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं है।
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि उड़ान AI2030 को एक ‘संभावित सुरक्षा चिंता’ के चलते जयपुर डायवर्ट किया गया और विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की। एयरलाइन के अनुसार संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने आवश्यक जांच पूरी कर विमान और चालक दल को क्लीयर कर दिया। सभी यात्रियों को उतारा गया, उनकी सुरक्षा जांच हुई और उसके बाद वे दोबारा विमान में सवार हुए।
एयरलाइन ने कहा कि उसकी टीमों ने यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से काम किया। एयर इंडिया ने इस अप्रत्याशित व्यवधान के लिए यात्रियों से खेद जताया और उनके धैर्य के लिए आभार व्यक्त किया। एयरलाइन ने दोहराया कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्क्वॉक कोड 7500 क्या है
रिपोर्ट के अनुसार स्क्वॉक कोड 7500 एक ट्रांसपोंडर सिग्नल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान में संभावित गैरकानूनी हस्तक्षेप का संकेत माना जाता है। इसके ट्रांसमिट होते ही हवाई यातायात नियंत्रण सतर्क हो जाता है और सुरक्षा प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है। इसी वजह से जयपुर हवाई अड्डे पर व्यापक सुरक्षा कार्रवाई की गई।
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स्रोत: Mint। फोटो: Rafael Rodrigues / Pexels