नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी महासंघ (FEI) ने भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI) को 1 दिसंबर 2026 से निलंबित करने का फैसला किया है। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक संकट के कारण यह कदम उठाया गया है। निलंबन की अवधि में भारतीय घुड़सवार, अधिकारी, प्रशिक्षक और घोड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
13 अक्टूबर की बैठक में लिया गया फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, FEI ने 15 अक्टूबर को EFI की तदर्थ समिति के सदस्यों लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) संदीप देवान और अधिवक्ता विदुष्पत सिंघानिया को पत्र भेजा। पत्र में बताया गया कि FEI बोर्ड ने 13 अक्टूबर को हुई ऑनलाइन बैठक में निलंबन का निर्णय लिया। समाचार एजेंसी PTI के पास इस पत्र की प्रति है।
FEI ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में EFI की कार्यकारी समिति को भंग कर दिया था, जिसका निर्वाचित कार्यकाल सितंबर 2023 में ही समाप्त हो चुका था। उसके बाद से नई समिति के लिए चुनाव नहीं हुए। महासंघ के अनुसार, इससे प्रशासन और नेतृत्व में ऐसी अनियमितता पैदा हुई जो अब और स्वीकार्य नहीं है।
चुनाव के बाद ही होगी समीक्षा
FEI ने तदर्थ समिति द्वारा 27 सितंबर को दिए गए स्पष्टीकरण को स्वीकार किया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा 27 मार्च को गठित इस समिति के काम की सराहना की। महासंघ ने यह भी माना कि EFI कार्यकारी समिति के चुनाव 31 जनवरी 2027 तक होने की उम्मीद है। लेकिन उसने स्पष्ट किया कि निलंबन की समीक्षा चुनाव संपन्न होने और उनके मूल्यांकन के बाद ही की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, FEI के नियमों की धारा 8.4 के तहत निलंबन के दौरान EFI किसी भी FEI निकाय की बैठक में शामिल नहीं हो सकेगा और न ही अंतरराष्ट्रीय आयोजन कर सकेगा। इसके सदस्य, जिनमें खिलाड़ी, अधिकारी और प्रशिक्षक शामिल हैं, तथा घोड़े भारतीय ध्वज या FEI ध्वज के तहत किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
एंड्योरेंस प्रशिक्षकों पर भी असर
FEI ने उन भारतीय एंड्योरेंस प्रशिक्षकों के लिए भी निहितार्थ स्पष्ट किए हैं, जिनके घोड़े दूसरे राष्ट्रीय महासंघों में पंजीकृत हैं। पत्र के अनुसार, प्रशिक्षक हरि सिंह आम EFI में पंजीकृत हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित लेकिन अन्य महासंघों में पंजीकृत घोड़ों को 1 दिसंबर से पात्र बने रहने के लिए प्रशिक्षक बदलना होगा।
FEI एंड्योरेंस नियमों की धारा 828.3 के अनुसार, प्रशिक्षक बदलने की सूचना देने के 14 दिन तक घोड़ा प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकता। इसलिए ऐसे बदलाव की सूचना 17 नवंबर तक देनी होगी, ताकि घोड़े 1 दिसंबर से पात्र रह सकें।
विवाद की जड़
रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद सितंबर 2023 में कार्यकाल खत्म होने के बाद भी EFI की कार्यकारी समिति के पद पर बने रहने और उसके बाद हुई कानूनी कार्यवाही से जुड़ा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में समिति को भंग कर IOA को तदर्थ समिति बनाने और चुनाव कराने का निर्देश दिया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी न होने पर FEI ने सितंबर में स्पष्टीकरण मांगा था।
FEI ने अपने ताजा पत्र में कहा कि उसने समिति के लिखित पक्ष पर सावधानी से विचार किया, लेकिन निष्कर्ष निकाला कि निर्वाचित कार्यकारी समिति की अनुपस्थिति अनिश्चित काल तक जारी नहीं रह सकती। रिपोर्ट के अनुसार, अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की वापसी चुनाव पूरे होने और FEI के मूल्यांकन पर निर्भर करेगी।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Mounir El Barji / Pexels