ढाका। बांग्लादेश दुर्गा पूजा इस वर्ष व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान और राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने देश और विदेश में रहने वाले हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए सांप्रदायिक सौहार्द और सभी धर्मों के लोगों के लिए समान अधिकारों पर जोर दिया।
मंडपों की संख्या में बढ़ोतरी
बांग्लादेश पूजा उदयापन परिषद के अनुसार, इस साल देशभर में कुल 33,851 पूजा मंडप स्थापित किए गए हैं। इनमें से 258 मंडप राजधानी ढाका में हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी BSS के मुताबिक, मंडपों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1,500 अधिक है। दुर्गा पूजा बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रिपोर्ट के अनुसार, पूजा स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। वर्दीधारी और सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों के साथ SWAT, त्वरित प्रतिक्रिया दल और बम निरोधक दस्ते जैसी विशेष इकाइयां तैनात की गई हैं।
पुलिस मुख्यालय और अन्य इकाइयों में निगरानी प्रकोष्ठ सक्रिय हैं, जो सुरक्षा स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी घटना पर कार्रवाई करेंगे। स्पेशल रिस्पॉन्स बटालियन-2 ने भी खुफिया निगरानी, गश्त, जांच चौकियों और 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष तथा हॉटलाइन की घोषणा की है।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो हेलीकॉप्टर और ड्रोन तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा एक मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है, जिसके जरिए लोग पूजा स्थलों पर होने वाली किसी भी घटना की सूचना सीधे कानून व्यवस्था एजेंसियों को दे सकेंगे।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के संदेश
BSS के अनुसार, प्रधानमंत्री रहमान ने शुक्रवार को हिंदू समुदाय से बिना किसी डर के, खुशी और भरोसे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि धर्म व्यक्ति का होता है, जबकि राज्य सबका होता है और हर किसी को धर्म से परे सुरक्षा का अधिकार है।
रहमान ने कहा कि सरकार राजनीतिक विचार, धर्म या जातीयता की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के लिए एक कल्याणकारी और सुरक्षित देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एजेंसी के मुताबिक, वे 20 अक्टूबर को चटगांव में एक पूजा स्थल का दौरा करेंगे।
राष्ट्रपति आलमगीर ने अपने संदेश में कहा कि दुर्गा पूजा धार्मिक महत्व के साथ-साथ बंगाल की सामाजिक संस्कृति और विरासत से भी गहराई से जुड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी धार्मिक समुदाय बिना किसी भेदभाव या असुरक्षा के अपने त्योहार मना सकें।
छुट्टी और अनुदान में बढ़ोतरी
बांग्लादेश सरकार ने हिंदू समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पर इस वर्ष दुर्गा पूजा की छुट्टी एक कार्यकारी आदेश के जरिए बढ़ाकर तीन दिन कर दी है। साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर 16 से 20 अक्टूबर तक पांच दिन का अवकाश रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पूजा मंडपों के लिए आवंटन 4 करोड़ टका से बढ़ाकर 5 करोड़ टका (लगभग ₹3.86 करोड़) कर दिया है। प्रति मंडप चावल का आवंटन भी 500 किलो से बढ़ाकर 600 किलो किया गया है। 2022 की जनगणना के अनुसार, करीब 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत है।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Monojit Dutta / Pexels