काराकास। वेनेजुएला विपक्ष के दलों के गठबंधन ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को निर्वासन में रह रहीं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो को अपना नेता घोषित किया। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इस फैसले से अंतरिम प्रशासन पर उन्हें देश लौटने की इजाजत देने का दबाव बढ़ेगा।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब विपक्ष का एक धड़ा अंतरिम सरकार के साथ राजनीतिक बदलाव पर बातचीत कर रहा है। यह बातचीत अमेरिका द्वारा लंबे समय तक सत्ता में रहे निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद हो रही है।
बैठक में क्या तय हुआ
राजधानी काराकास में हुई बैठक के अंतिम दस्तावेज के अनुसार यूनिटरी डेमोक्रेटिक प्लेटफॉर्म (PUD) के सदस्यों ने मचाडो के नेतृत्व को मान्यता देने और उसका समर्थन करने पर सहमति जताई। मचाडो फिलहाल पनामा में रह रही हैं।
गठबंधन ने वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाल करने के लिए 14 प्रस्ताव रखे और आम चुनाव कराने का रोडमैप भी पेश किया। सभी राजनीतिक कैदियों की बिना शर्त रिहाई, राजनीतिक दमन खत्म करने और निर्वासित लोगों को घर लौटने का अधिकार देने की मांग भी की गई।
राजनीतिक दलों की आजादी की मांग
गठबंधन ने राजनीतिक दलों को पूरी आजादी देने, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर लगी रोक हटाने और राजनीतिक संगठनों को निशाना बनाने वाली प्रशासनिक कार्यवाहियां बंद करने की मांग की। साथ ही मानवाधिकारों की रक्षा के उपाय करने को भी कहा गया। गठबंधन ने लोकतंत्र में शांतिपूर्ण बदलाव और स्वतंत्र, प्रतिस्पर्धी चुनावों की बात कही, लेकिन मतदान की कोई तारीख तय नहीं की।
मचाडो की पार्टी वेंते अगले साल चुनाव कराने की मांग कर रही है और तारीख घोषित करने पर जोर दे रही है।
मादुरो की गिरफ्तारी और मौजूदा हालात
रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में अमेरिकी सेना ने मादुरो को पकड़ा और मुकदमे के लिए न्यूयॉर्क ले गई। उनकी जगह उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सत्ता संभाली और वह वॉशिंगटन के भारी दबाव में शासन चला रही हैं।
मचाडो 2025 में चुपचाप वेनेजुएला छोड़कर नोबेल शांति पुरस्कार लेने गई थीं और तब से निर्वासन में हैं। उनकी पार्टी के अनुसार उन्होंने कम से कम सात बार स्वदेश लौटने की कोशिश की, लेकिन वेनेजुएला के अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया।
यह समझौता ऐसे वक्त हुआ है जब सरकार और विपक्ष के एक धड़े के बीच अमेरिका समर्थित बातचीत का तीसरा दौर काराकास में चल रहा है। मचाडो को इस बातचीत में नहीं बुलाया गया है, हालांकि उन्होंने कहा है कि वह इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेंगी।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Joaquim Pacheco / Pexels