चेन्नई। तमिलनाडु वेट्री 150 योजना को राज्य सरकार ने प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना में पंजीकृत कमजोर ग्रामीण परिवारों को केंद्र की VB-G RAM G योजना के तहत 125 दिन का काम पूरा करने के बाद 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार राज्य के अपने कोष से दिया जाएगा।
100 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में इस योजना को लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी भी दी है। ग्रामीण परिवारों के लिए न्यूनतम गारंटीशुदा रोजगार बढ़ाकर 150 दिन करना तमिलागा वेट्री कळगम (TVK) के 2026 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र का हिस्सा था।
इस पहल की घोषणा 5 अगस्त 2026 को TVK के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बजट पेश करते समय की गई थी।
VB-G RAM G में कितना रोजगार
रिपोर्ट के अनुसार, विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM G के तहत हर पंजीकृत ग्रामीण परिवार को, जो अकुशल शारीरिक काम करना चाहता है, एक वित्त वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी है। इस योजना का खर्च केंद्र और राज्य सरकारें 60:40 के अनुपात में उठाती हैं।
वेट्री 150 के तहत राज्य अब ऐसे परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त काम देगा, जो 125 दिन का रोजगार पूरा कर चुके हों। इस अतिरिक्त रोजगार का पूरा खर्च राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन करेगी।
कौन से परिवार माने गए कमजोर
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश के अनुसार, कुछ श्रेणियों के परिवारों को कमजोर परिवार माना गया है। इनमें महिलाओं की मुखिया वाले परिवार, अकेली महिला वाले परिवार और दिव्यांग सदस्य वाले परिवार शामिल हैं।
इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार, तथा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत आने वाले लाभार्थी भी इस श्रेणी में रखे गए हैं। आदेश के मुताबिक, इन सभी परिवारों को 125 दिन का काम पूरा करने पर 25 दिन अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा।
अगले कदम
स्रोत रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि योजना कब से जमीन पर लागू होगी या कितने परिवारों को इसका लाभ मिलने का अनुमान है। ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर राजनीतिक बहस भी जारी है: मनरेगा खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर’ बनाने की साजिश: खरगे।
स्रोत: The Hindu। फोटो: Dibakar Roy / Pexels