मुंबई। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लंबी बातचीत के बाद अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि दोनों देश सौदे के काफी करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता “काफी अलग किस्म का” हो सकता है, हालांकि इसका ब्योरा उन्होंने नहीं दिया।
ट्रंप ने क्या कहा
समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग के हवाले से बताया गया कि व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा, “वे सौदा करना चाहते हैं। हम सौदा करेंगे। काफी करीब हैं।” रिपोर्ट के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच एक साल से अधिक समय से इस पर बातचीत चल रही है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की।
रुबियो बोले: हफ्तों में, महीनों में नहीं
रुबियो 20 और 21 अक्टूबर को जयशंकर के निमंत्रण पर भारत में हैं। यह मई में नई दिल्ली की यात्रा के बाद उनका दूसरा भारत दौरा है। मुंबई में “फ्रीडम 250” रिसेप्शन में उन्होंने कहा कि समझौता “बेहद करीब” है।
रुबियो के अनुसार अब कुछ तकनीकी ब्योरे ही तय होने हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शब्दों का मतलब दोनों देशों के लिए एक ही हो। उनका कहना था कि समझौता हफ्तों में हो सकता है, महीनों में नहीं।
रुबियो ने यह भी कहा कि वे सीधे वार्ता में शामिल नहीं हैं, क्योंकि इसे व्यापार प्रतिनिधि संभाल रहे हैं। उनके अनुसार अधूरे सौदे की घोषणा से इतने बड़े रिश्ते को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए हर बिंदु पर सहमति के बाद ही घोषणा होनी चाहिए।
भारत की ओर से संकेत
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि समझौते की पहली किस्त अंतिम रूप और कानूनी मसौदे के चरण में है। रॉयटर्स के अनुसार भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके निर्यातकों को बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में शुल्क संबंधी बढ़त मिले।
जयशंकर ने भी हाल में कहा था कि बातचीत में प्रगति से वे उत्साहित हैं और दोनों पक्ष “एक लैंडिंग पॉइंट” की ओर बढ़ रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में कहा था कि “बड़े मुद्दे निपट चुके हैं।”
रूसी तेल पर शुल्क में छूट
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने शुक्रवार देर रात रूसी तेल और गैस खरीदने वालों पर लगने वाले 100 प्रतिशत तक के शुल्क से छूट दे दी। ये शुल्क भारतीय उत्पादों पर असर डाल सकते थे और वार्ता को जटिल बना सकते थे। रिपोर्ट में इसे एक अड़चन कम होने के रूप में बताया गया है, समझौता पूरा होने के रूप में नहीं।
व्यापार का लक्ष्य
राजदूत गोर के अनुसार दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 240 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में इसे 500 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। गोर के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें भारत भेजते समय परिणाम देने का निर्देश दिया था।
इसी संदर्भ में वित्त मंत्री सीतारमण का व्यापार संबंधी बयान भी पढ़ा जा सकता है।
फिलहाल समझौते की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। दोनों सरकारों की ओर से अंतिम सहमति की प्रतीक्षा है।
स्रोत: Mint। फोटो: Magda Ehlers / Pexels