हैदराबाद। तेलंगाना सूखा की आशंका के बीच मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने श्रमिकों को रोजाना काम देने वाली एक विशेष योजना की घोषणा की है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार यह योजना संक्रांति के बाद शुरू होगी और मई तक, यानी चार महीने चलेगी। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एल नीनो की स्थिति और संभावित सूखे को लेकर हालात की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अक्तूबर से शुरू होने वाला सूखा जुलाई तक चलेगा। उनके अनुसार गर्मी और पानी का वाष्पीकरण बढ़ेगा, जिससे जल संकट गहराएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई के पानी की तुलना में पीने के पानी को ज्यादा दिक्कत होगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य के 30 लाख पंप सेटों में से 15 लाख सूख चुके हैं। परियोजनाओं में जल भंडारण उनकी कुल क्षमता के 20 प्रतिशत से कम रह गया है और कुछ परियोजनाएं न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध पानी 200 टीएमसी से अधिक नहीं है।
योजना और निगरानी की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाले धन के साथ अपनी ओर से भी राशि जोड़कर यह योजना चलाएगी। योजना में खेतों तक जाने वाले रास्तों, नहरों, तालाबों और छोटे जलस्रोतों की बहाली पर भी ध्यान दिया जाएगा। रोजगार गारंटी योजना के तहत अतिरिक्त कार्यदिवस भी जोड़े जाएंगे।
पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कैबिनेट उप-समिति और सभी स्तर के अधिकारियों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों से गांवों का दौरा करने को कहा गया है और निगरानी के लिए उनके फोन में एक विशेष ऐप डाला जाएगा।
सरकार ने उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता में कैबिनेट उप-समिति बनाई है। के. रामकृष्ण राव को एल नीनो से जुड़े मुद्दों के समाधान और गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसानों को प्रेरित करने के लिए कलाजत्थे आयोजित होंगे और सांसद चामला किरण के नेतृत्व में गांधी भवन में हेल्प डेस्क बनेगी।
पशुओं के चारे और फसलों पर बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जमीनी हकीकत बताए और संकट के दौरान किसी को परेशानी न हो। उन्होंने नेताओं से रायथु वेदिकाओं में किसानों को सूखे के बारे में जागरूक करने को कहा। गांवों में पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी के विशेष केंद्र बनाने की बात भी कही गई।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार ने खरीफ सीजन बिना सिंचाई संकट के संभाल लिया और खरीफ फसलों की सुरक्षा और खरीद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने महीन धान की सात किस्मों पर घोषित बोनस का बचाव किया। उनके अनुसार दूसरे राज्यों के व्यापारी अग्रिम देकर उपज खरीद रहे हैं और किसानों को 3,400 से 4,000 रुपये तक के दाम मिल रहे हैं।
बिजली की मांग
मुख्यमंत्री के अनुसार तेज गर्मी और पानी की कमी से बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मांग 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जबकि अविभाजित आंध्र प्रदेश में इसी मौसम में यह 13,000 मेगावाट थी। बिजली विभाग ने 20,000 मेगावाट की आपूर्ति सुनिश्चित की है।
रेड्डी ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर बिजली खरीदने को तैयार है, लेकिन बाजार में वह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने लोगों से बिजली का इस्तेमाल केवल जरूरी कामों में करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया और कोंगरेड्डीपल्ली गांव का उदाहरण दिया, जहां ग्रामीणों ने सौर बिजली बेचकर लाभ कमाया। उन्होंने इस पहल में महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने की भी बात कही।
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स्रोत: Mint। फोटो: Quang Nguyen Vinh / Pexels