वॉशिंगटन। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में अमीश शाह ने एरिज़ोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत का दावा किया है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर अमीश शाह एरिज़ोना से अमेरिकी कांग्रेस में प्रतिनिधित्व करने वाले अपने समुदाय के पहले व्यक्ति बन गए हैं।
जीत का अंतर
रिपोर्ट के अनुसार 48 वर्षीय शाह ने बुधवार (4 नवंबर 2026) को यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की इस सीट पर जीत का दावा किया। उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार जे फीली से था, जो नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के पूर्व खिलाड़ी हैं और जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कड़े मुकाबले में डेमोक्रेट शाह को 52.49 प्रतिशत और फीली को 45.45 प्रतिशत वोट मिले। डिसीजन डेस्क एचक्यू ने इस मुकाबले के नतीजे का एलान बुधवार को अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार रात 8:39 बजे किया। इस जीत से रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीट डेमोक्रेट के पास चली गई।
शाह ने क्या कहा
शाह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि एरिज़ोना का अगला कांग्रेस सदस्य बनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने फीली को कठिन मुकाबले के लिए बधाई भी दी और कहा कि सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़ना आसान नहीं होता।
शाह ने जिले के सभी मतदाताओं से वादा किया कि वे उन सबके प्रतिनिधि रहेंगे, चाहे उन्होंने उन्हें वोट दिया हो या नहीं। उनके अनुसार अब राजनीतिक कड़वाहट खत्म करने का समय है। उन्होंने कहा कि वे खर्च घटाने, स्वास्थ्य सेवा का दायरा बढ़ाने, पानी के संकट को सुलझाने और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर काम करेंगे।
पिछला राजनीतिक सफर
रिपोर्ट के अनुसार शाह एरिज़ोना हाउस के तीन बार सदस्य रह चुके हैं। वे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए छठे भारतीय-अमेरिकी हैं। इसी चुनाव में पिया दांडिया ने फ्लोरिडा से जीत हासिल की, जबकि सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया से फिर चुने गए।
शाह और फीली का एक साझा अतीत भी है। रिपोर्ट के अनुसार शाह एनएफएल की टीम न्यूयॉर्क जेट्स के डॉक्टर के तौर पर आपातकालीन चिकित्सा देते थे, जबकि फीली उसी टीम के किकर थे। अब दोनों राजनीति में विपरीत पक्षों में हैं।
समर्थकों की प्रतिक्रिया
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक संगठन इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट ने शाह को जीत की बधाई दी। संगठन के अनुसार शाह 2019 में पहली बार एरिज़ोना हाउस के लिए चुने जाने के बाद से राज्य के लोगों के पक्ष में काम करते रहे हैं। संगठन ने कहा कि अब वे वाशिंगटन में कामकाजी परिवारों के लिए लड़ेंगे।
संगठन के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल के अनुसार शाह ने एक-एक बातचीत करके यह सीट हासिल की। उन्होंने बताया कि शाह ने 28,000 से अधिक दरवाजे खटखटाए और मतदाताओं से स्वास्थ्य सेवा और बढ़ती लागत पर बात की। पटेल के अनुसार आपातकालीन कक्ष के डॉक्टर के रूप में शाह ने देखा है कि महंगी स्वास्थ्य सेवा परिवारों पर क्या असर डालती है।
शिक्षा और पृष्ठभूमि
शाह का जन्म शिकागो में हुआ। रिपोर्ट के अनुसार उनके गुजराती माता-पिता 1960 के दशक में अमेरिका आए थे। शाह ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से स्नातक और वहीं के मेडिकल स्कूल से मेडिकल की डिग्री ली। बाद में उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में सार्वजनिक स्वास्थ्य की मास्टर्स के लिए पूर्ण मेरिट स्कॉलरशिप मिली। उन्होंने न्यूयॉर्क के सबसे व्यस्त ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी मेडिसिन की रेजिडेंसी भी की।
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स्रोत: The Hindu। फोटो: Ivan Dražić / Pexels