अयोध्या। अयोध्या दीपोत्सव के 10वें संस्करण के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 7 नवंबर को कहा कि जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाई और संतों पर लाठीचार्ज कराया, वे राम मंदिर तभी आएं जब माफी मांग लें। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार यह टिप्पणी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या के राम मंदिर जाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद आई।
क्या कहा मुख्यमंत्री ने
आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने अयोध्या की उपेक्षा और अपमान किया, उन्हें आना चाहिए, लेकिन पहले रामभक्तों और संतों से एक-एक बार माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपने किए पर पश्चाताप करें।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया, न सपा का और न उसके अध्यक्ष का। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार वे अखिलेश यादव के हाल में अयोध्या में एक धार्मिक प्रवचन में पहुंचने की ओर संकेत करते दिखे।
कार्यक्रम में कौन मौजूद रहा
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित अन्य लोग मौजूद थे। आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम भारत की राष्ट्रीय चेतना, संस्कृति, मूल्यों और स्वाभिमान के प्रतीक हैं।
उन्होंने अयोध्या को शास्त्रों में सात पवित्र नगरियों में पहली बताए जाने का जिक्र किया। उनके अनुसार नगरी के सामने कई चुनौतियां आईं, पर रामभक्तों, संतों, नागा साधुओं, निहंग सिखों और समाज के हर वर्ग ने उनका सामना किया।
विपक्ष पर टिप्पणियां
मुख्यमंत्री ने प्रवचन की मर्यादा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कथा में जाते हैं तो उन्हें उसकी मर्यादा का भी ध्यान नहीं रहता। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इसकी तुलना मुशायरे से की।
कांग्रेस का नाम लिए बिना उन्होंने राम जन्मभूमि के कानूनी विवाद का जिक्र किया। उनके अनुसार जिन्होंने अदालतों में राम के अस्तित्व को नकारने के लिए वकीलों की फौज खड़ी की, उन्हें अब उनका अस्तित्व स्वीकार करना पड़ा है। उन्होंने इसे अपनी वैचारिक जीत बताया।
आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार कुछ ताकतें नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता को फिर से जगाकर देश को अस्थिर करने की साजिश कर रही हैं।
विकास के दावे
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए बदलावों का ब्योरा भी दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर तक चार लेन की सड़कें बनी हैं और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। उनके अनुसार रेलवे स्टेशन का विकास हुआ है और वहां वंदे भारत व अमृत भारत ट्रेनें चलती हैं।
आदित्यनाथ ने बताया कि 2017 में दीपोत्सव के पहले संस्करण में 25,000 दीप जलाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि तब राज्य के पास सरकारी कर्मचारियों के वेतन तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने पिछली सरकारों पर सार्वजनिक धन की लूट का आरोप भी लगाया। ये दावे मुख्यमंत्री के हैं और रिपोर्ट में इनकी स्वतंत्र पुष्टि का जिक्र नहीं है।
आगे क्या
अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं है। सपा प्रमुख की 12 दिसंबर की प्रस्तावित यात्रा को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी तेज रह सकती है।
अयोध्या से जुड़ी राष्ट्र टाइम्स की पुरानी रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है: अयोध्या विवाद पर मौर्य ने कहा- ‘वहां राम मंदिर ही बनेगा, बाबर का स्मारक नहीं’।
स्रोत: The Hindu – National। फोटो: Polash Shikdar / Pexels