हरमीत सिंह कालका और जगदीप सिंह खलो को संगत ने फूलों की वर्षा और भावनाओं की गूंज के साथ किया सलाम
दिल्ली की धरती एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी जब सिख समुदाय के दो कर्मठ सिपाहियों — सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह खलो — को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) का अध्यक्ष और महासचिव बनाए जाने पर भव्य और भावनात्मक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कड़कड़डूमा स्थित डायमंड क्राउन बैंक्वेट में हुए इस आयोजन में सिर्फ फूल नहीं बरसे, बल्कि लोगों की भावनाओं की बारिश ने माहौल को गुरुबाणी के स्वर, सेवा भावना और संगत के विश्वास से सराबोर कर दिया। समाज के हर वर्ग, हर कोने और हर दिल से आवाज़ आई — “इन्हीं में है भविष्य की राह!”
नेतृत्व को सलाम — संगत ने जताया अटूट विश्वास
इस समारोह में दिल्ली के सिख समाज की बड़ी-बड़ी हस्तियों ने भाग लिया। मंच पर विराजमान थे: सरदार बलबीर सिंह, विवेक विहार, अमरजीत सिंह पिंकी (सीसगंज), निगम पार्षद बीबी प्रीति, पूर्व पार्षद बीबी वरयाम कौर
सरदार भूपिंदर सिंह भुल्लर, गगनदीप सिंह चियाची, परमिंदर सिंह, परमजीत सिंह चंडोक बीबी रंजीत कौर और बीबी हरमिंदर कौर :इन सभी ने दोहराया — “यह नेतृत्व सिख समाज की उम्मीदों का ध्वजवाहक है।”

मेजबानी की मिसाल — गुरचरण सिंह ‘राजू’ और सुखविंदर सिंह बब्बर
इस शानदार आयोजन के केंद्र में थे DSGMC सदस्य गुरचरण सिंह ‘राजू’ और सुखविंदर सिंह बब्बर, जिन्होंने अतिथियों का दिल से स्वागत कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
कालका साहब का खुला आमंत्रण — ‘राजू जी, हम आपके साथ हैं!’कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने सबको चौंकाते हुए भावनात्मक शब्दों में कहा: “राजू जी, यदि आप गुरुद्वारा कमेटी के चेयरमैन बनना चाहते हैं या भाजपा में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, तो हम सब आपके साथ हैं। आपका हर रास्ता स्वागत के लिए खुला है।”इस कथन के साथ तालियों की गूंज ने पूरे हॉल को हिला दिया और भावनाओं की लहर दौड़ गई।

संगत की आवाज़ — सेवा, एकता और नेतृत्व का उत्सव
यह समारोह सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि सिख आत्मा की एकता, सेवा के प्रति समर्पण और नेतृत्व में विश्वास का प्रतीक बन गया। निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष और महासचिव को देखकर संगत ने स्पष्ट संदेश दिया — “जब नेतृत्व सच्चा हो, तो संगत अपने आप पीछे खड़ी हो जाती है।”