‘मनरेगा’ की जगह नई ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका समशन (ग्रामीण)’ योजना के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस हमलावर है। गुरुवार को जवाहर भवन में ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत बड़ा कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, “भाजपा सरकार ने सिर्फ अपनी राजनीति के लिए मनरेगा कानून को बदल दिया है। मनरेगा के कानून में जो बदलाव किया गया है, इससे मजदूर वर्ग और उनके संगठन परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी इन लोगों के साथ खड़ी है। मजदूरों के आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि मनरेगा मजदूर जगह-जगह चल रहे प्रोजेक्ट से मिट्टी लेकर आए हैं। यह दर्शाता है कि यह सही वर्कर्स हैं, जो अपनी दहाड़ी छोड़कर आए हैं। यह मिट्टी उनकी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक है। यह इन मजदूरों की एकता को भी दिखाती है। जवाहर भवन में इस मिट्टी को एक जगह रखकर पौधा लगाया जाएगा।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का मकसद मजदूरों को रोजगार का अधिकार देना था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपने नए बिल के जरिए इस योजना को खत्म करना चाहती है और करोड़ों मजदूरों को उनके सही हक से वंचित करना चाहती है। उनका हक लूटना चाहती है। इसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी खड़ी है और ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के जरिए देश के कोने-कोने तक जाएगी। इसी के तहत राहुल गांधी सिविल सोसाइटी और बौद्धिक के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेता जमीन पर उतरकर मजदूरों के बीच जाएंगे।
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आए हैं। सामाजिक संगठन भी आए हैं और आज निश्चित रूप से एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया जाएगा कि हम इस लड़ाई को एक जन आंदोलन के रूप में कैसे आगे बढ़ाएंगे।
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान पर कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने एक बार फिर तानाशाही तरीके से राज्य सरकारों, मनरेगा से जुड़े लोगों या मजदूरों से सलाह लिए बिना भारत में ग्रामीण रोजगार के अधिकार पर हमला किया है।
अलका लांबा ने कहा कि योजना से सिर्फ महात्मा गांधी का नाम नहीं हटाया गया है, बल्कि रोजगार के अधिकार को छीना गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत पूरी पार्टी ने फैसला लिया है कि मनरेगा के मूल ढांचे को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।