दिल्ली स्थित सामाजिक विकास संस्था आरोहण (Aarohan) ने भाटी माइंस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं और बच्चों के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह क्षेत्र उन परिवारों का निवास स्थान है, जो सम्मानजनक जीवन और बेहतर आजीविका की तलाश में पाकिस्तान से भारत आकर बसे हैं।
यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि एक सामुदायिक पहल का उदाहरण भी था, जिसमें स्थानीय लोगों, सहयोगियों और संस्था के संयुक्त प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। वर्षों से कई संस्थाओं ने इस क्षेत्र में विकास कार्य करने का प्रयास किया, लेकिन यह पहल इसलिए अलग मानी जा रही है क्योंकि यह परियोजना समुदाय के साथ, समुदाय द्वारा और समुदाय के लिए विकसित की गई है।


इस पहल को साकार करने में श्री हकीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने सामुदायिक गतिविधियों के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई। इसके अलावा अमेरिका में रह रहे डॉ. संतोषदेव, श्री सुमनदेव और उनके परिवार ने भी इस परियोजना को प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया।

आरोहण ने इस क्षेत्र में “वतन शिल्प केंद्र” की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा तथा महिलाओं और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में डॉ. विजय जॉली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस सामुदायिक मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।इस अवसर पर होटल हयात ने भी सहयोग देते हुए महिलाओं के लिए भोजन और उपहार की व्यवस्था की, जिससे कार्यक्रम और भी आनंदमय बन गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नृत्य और छोटे-छोटे मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही स्थानीय महिला कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों की एक छोटी प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने समुदाय की पारंपरिक कला और कौशल को उजागर किया। आरोहण की अध्यक्ष रानी पटेल ने कहा कि यह पहल केवल अवसर प्रदान करने की नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास है।

वहीं आरोहण की सचिव ईशा गुहा ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि संस्था उनके उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने के लिए काम करेगी, ताकि उनकी कला को पहचान मिले और उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त हों।
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं को उपहार और भोजन वितरित किया गया। यह आयोजन समुदाय के लिए नई उम्मीद और सामूहिक प्रगति की भावना के साथ संपन्न हुआ।
पिछले दो दशकों से आरोहण भारत के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक पहलों के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रहा है।