प्रख्यात शिक्षाविद् अशोक के. पांडेय की बहुचर्चित पुस्तक ‘इग्नाइटिंग अ बिलियन लैंप्स’ का लोकार्पण 7 अप्रैल 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर के सभागार में एक गरिमामय एवं विचारोत्तेजक समारोह में संपन्न हुआ। यह पुस्तक भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व यात्रा से प्रेरणा लेते हुए शिक्षा के मूल उद्देश्य—चरित्र निर्माण और मूल्य-आधारित नागरिकों के निर्माण—पर केंद्रित है।
पुस्तक में शिक्षकों, विद्यालयों और उनके नेतृत्व की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है, जो शिक्षा को केवल ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम बनाती है। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “अशोक के. पांडेय न केवल एक उत्कृष्ट लेखक हैं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन के गहन चिंतक और विचारक भी हैं। यह पुस्तक चरित्र निर्माण का एक सशक्त खाका प्रस्तुत करती है, जो आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है।”
पुस्तक की प्रस्तावना लिखने वाले सेवानिवृत्त एडमिरल के.एस. नूर ने इसे नेतृत्व और संस्थागत परिवर्तन के संदर्भ में अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी व्यापकता और गहराई पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. पुष्पनाथम, डॉ. रोहिणी आहलुवालिया, डॉ. अमीता मुल्ला वाट्टल, कुंवर शेखर विजेंद्र तथा प्रकाशक मनीष अग्रवाल शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने शिक्षा, विद्यालय नेतृत्व और समग्र विकास के संदर्भ में पुस्तक की महत्ता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन लेखक एवं इतिहासकार अमृतांशु पांडेय ने किया। समारोह में शिक्षा, सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. विवेक गौतम, राबाई मालेकर, जनरल पी.के. सहगल, कर्नल किशोर उपाध्याय, संदीप सहगल, राकेश पांडेय, अजय पांडेय, नवीन आर्य, दिनेश उप्रेती, रचना पंत और लेफ्टिनेंट संजीव कौर सहित अनेक गणमान्य अतिथि शामिल थे।