युवाओं के मुद्दों पर संवाद और लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक एवं विशेष आमंत्रित राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य प्रो. नवीन कुमार ने कहा कि जेन-जी और युवाओं के आंदोलनों को केवल विरोध-प्रदर्शन के रूप में देखने के बजाय उनके पीछे छिपे व्यापक सामाजिक एवं राजनीतिक असंतोष को समझने की आवश्यकता है।
प्रो. कुमार ने कहा कि युवाओं की लगातार उठ रही आवाज लंबे समय से चली आ रही असहमति और राजनीतिक दबाव का संकेत है। आज की जेन-जी केवल राजनीतिक नारों और भावनात्मक मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रोजगार, शिक्षा, भ्रष्टाचार, आर्थिक असमानता, पारदर्शिता और जवाबदेह शासन जैसे वास्तविक मुद्दों पर सार्थक संवाद चाहती है।
उन्होंने कहा कि जेन-जी की भाषा और संवाद शैली पारंपरिक राजनीति से अलग है। इंटरनेट, एआई, सोशल मीडिया और वैश्विक संपर्क ने युवाओं के सोचने, सवाल पूछने और अपनी बात रखने के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है। ऐसे में राजनीतिक दलों और संस्थाओं को भी युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप अपनी कार्यशैली और संवाद के तरीकों में बदलाव करना होगा।
प्रो. नवीन कुमार ने कहा कि जेन-जी को केवल विपक्ष या विरोधी समूह के रूप में देखना उचित नहीं है। यह पीढ़ी देश के भविष्य से जुड़े फैसलों में अपनी आवाज और भागीदारी चाहती है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि बदलते सामाजिक वातावरण को समझते हुए युवाओं के साथ सार्थक, खुले और un लोकतांत्रिक संवाद की नई शुरुआत की जाए।
उन्होंने जोर दिया कि युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए उनकी समस्याओं को सुनना और नीतिगत स्तर पर उनका समाधान तलाशना जरूरी है।